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Uttarakhand News: प्रदेश में गर्मी में बिजली की मांग रिकॉर्ड पांच करोड़ यूनिट पार कर गई, कटौती बढ़ी

Sat, 25 Apr 2026 05:17 PM IST
Renu Saklani अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

प्रदेश में मांग के सापेक्ष रोजाना 30 लाख यूनिट की कमी के कारण कटौती हो रही है। एक अप्रैल से 24 अप्रैल तक बिजली की मांग में करीब 90 लाख यूनिट बढ़ोतरी हुई। 

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बिजली - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की मांग शुक्रवार को इस माह के रिकॉर्ड पांच करोड़ यूनिट पार कर गई। मांग के सापेक्ष उपलब्धता कम होने के कारण यूपीसीएल को पर्वतीय क्षेत्र छोड़कर प्रदेशभर में कटौती करनी पड़ रही है। एक से 24 अप्रैल के बीच बिजली की मांग में 90 लाख यूनिट से अधिक का इजाफा हुआ है।

प्रदेश में शुक्रवार को बिजली की मांग पांच करोड़ यूनिट पार कर गई। इसके सापेक्ष राज्य पूल से 1.1 करोड़, केंद्रीय पूल से 1.5 करोड़ यूनिट मिलाकर यूपीसीएल के पास केवल 2.7 करोड़ यूनिट बिजली उपलब्ध है। करीब 1.5 करोड़ यूनिट बिजली बाजार व 34 लाख यूनिट बिजली अन्य माध्यमों से लेने के बाद भी यूपीसीएल 4.6 करोड़ यूनिट बिजली ही जुटा पाया। 30 लाख यूनिट से अधिक बिजली की कमी रही, जिसके कारण कटौती करनी पड़ी।

हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के ग्रामीण क्षेत्रों में करीब ढाई घंटे कटौती हुई। छोटे कस्बों लंढौरा, मंगलौर, लक्सर, बहादराबाद, ढकरानी, सेलाकुई, सहसपुर, विकासनगर, डोईवाला, कोटद्वार, ज्वालापुर, जसपुर, किच्छा, खटीमा, रामनगर, गदरपुर और बाजपुर में दो से ढाई घंटे की कटौती हुई। इसके अलावा बड़े शहरों काशीपुर में एक घंटा, रुड़की व हल्द्वानी में करीब डेढ़ घंटा और ज्वालापुर में करीब सवा घंटे की कटौती हुई। स्टील उद्योगों में करीब 12 घंटे की कटौती करनी पड़ी।

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सप्ताहभर में और बढ़ सकती है मांग

प्रदेश में जिस हिसाब से गर्मी बढ़ती जा रही है, उससे यूपीसीएल को अगले सप्ताहभर में बिजली की मांग 5.5 करोड़ यूनिट पार पहुंचने की उम्मीद है। बाजार में बिजली महंगे दामों में मिल रही है। पीक आवर में तो आसानी से उपलब्ध ही नहीं है। इस कारण यूपीसीएल के लिए बिजली जुटाना काफी चुनौतीपूर्ण हो रहा है।

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