बता दें कि छह साल पहले गदरपुर में नेशनल हाईवे जाम करने के मामले में सिविल जज सीनियर डिविजन की अदालत से वारंट जारी होने के बाद शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय रुद्रपुर कोर्ट में पेश हुए थे। मंत्री के अधिवक्ता की ओर से जमानत के लिए लगाए गए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। जमानत के लिए मंत्री को कोविड-19 का टेस्ट कराने के साथ ही छह घंटे तक कोर्ट परिसर में रहना पड़ा था।
पट्टे की भूमि पर हुए निर्णय से नाखुश एक पक्ष के लोगों ने 25 अगस्त 2015 को गदरपुर के नायब तहसीलदार शेर सिंह गयाल के साथ मारपीट की थी। मामले में नायब तहसीलदार ने विधायक और वर्तमान में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय सहित कई लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इससे नाराज अरविंद पांडेय ने समर्थकों के साथ जुलूस निकालकर पुतला दहन करने के साथ नेशनल हाईवे जाम कर दिया था।