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उत्तराखंड: खड़ा हो सकता है संवैधानिक संकट, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने की राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग

Mon, 21 Jun 2021 11:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रीतम के मुताबिक, संवैधानिक प्रावधान के अनुसार, या तो प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए या विधानसभा को भंग कर विधानसभा के चुनाव कराए जाएं या फिर विधायकों के बीच से नया मुख्यमंत्री चुना जाए।
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत छह महीने के भीतर विधानसभा सदस्य बनने का अवसर गंवा चुके हैं। ऐसे में उत्तराखंड में एक बार फिर संवैधानिक संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत विधायक नहीं हैं।

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अपने पद पर बने रहने के लिए रावत को छह माह पूरा होने से पहले विधानसभा का निर्वाचित सदस्य होना चाहिए। 9 सितंबर को छह माह पूरे हो रहे हैं। लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 151 ए के तहत, उस स्थिति में उप-चुनाव नहीं हो सकता है, जहां आम चुनाव के लिए केवल एक वर्ष शेष है।

सोमवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वैसे तो यह पूरा मामला चुनाव आयोग का है। लेकिन लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत राज्य में वर्तमान परिस्थितियों में कोई चुनाव नहीं हो सकता है। सीएम रावत छह माह के भीतर विधानसभा का सदस्य बनने का अवसर गंवा चुके हैं। 
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आयोग कठपुतली बना तो कुछ भी हो सकता है
प्रीतम का कहना है कि यदि चुनाव आयोग नियमों के हिसाब से चला तो चुनाव नहीं हो सकते, लेकिन यदि केंद्र या राज्य सरकार की कठपुतली बना तो फिर कुछ भी हो सकता है। लेकिन जो भी हो चुनाव आयोग को संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार ही उप चुनाव पर निर्णय लेना चाहिए। इस संबंध में  निर्वाचन आयोग का पक्ष लेने के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।

उत्तराखंड में दो विधानसभा सीटें अभी खाली हैं। वर्तमान राज्य विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त होना चाहिए। इसका मतलब है कि कार्यकाल समाप्त होने में केवल नौ महीने बचे हैं। इस तरह से देखा जाए तो मुख्यमंत्री तीरथ सिंह के लिए चुनाव लड़ना संभव नहीं है। ऐसे में उत्तराखंड में एक बार फिर से नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है या फिर विधानसभा भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। 
- प्रीतम सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष 

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कांग्रेस चिंता न करें, मुख्यमंत्री चुनाव लड़ेंगे : सुबोध

उत्तराखंड सरकार के शासकीय प्रवक्ता व कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री के उपचुनाव के बारे में चिंता न करे। संवैधानिक जनादेश को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री चुनाव लड़ेंगे।

संवैधानिक संकट का राग न अलापे कांग्रेस 
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस संवैधानिक संकट का राग न अलापे। उपचुनाव कब होने हैं, ये निर्वाचन आयोग को तय करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सल्ट उपचुनाव के बाद डरी हुई है और अब फिजूल बयानबाजी कर रही है। भाजपा की ओर से अभी यह तय नहीं किया गया है कि मुख्यमंत्री कहां से चुनाव लड़ेंगे। लेकिन पार्टी में 12 से अधिक विधायकों की और से सीट को लेकर प्रस्ताव हैं।

वहीं जिन सीटों को लेकर कांग्रेसी बयानबाजी कर रहे हैं,उन सीटों पर भी कोई संकट नहीं है। यह सब चुनाव आयोग को तय करना है कि कब चुनाव होगा और भाजपा तो हर वक्त तैयार रहती है। क्योंकि उसके पास जनता का समर्थन है। पहले सल्ट को 2022 का सेमीफाइनल बताने वाली कांग्रेस चित हो चुकी है। अब वह दिन में भी सपने देख रही है। भाजपा संगठन और सरकार फिलहाल कोरोना काल में महज जरूरतमंदों की सेवा कार्यों में जुटे हैं और क्योंकि सल्ट उप चुनाव ने साफ कर दिया है कि जनता भाजपा के विकास के एजेंडे से खुश है। पार्टी निश्चित रूप से 2022 में भाजपा पुन: प्रचंड बहुमत के साथ वापसी कर रही है।
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