गौरतलब है कि देवस्थानम बोर्ड का गठन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में हुआ था। बोर्ड में चारों धाम समेत 55 मंदिर शामिल किए गए हैं। हरिद्वार से लेकर प्रदेशभर में हक-हकूकधारियों और तीर्थ पुरोहितों ने इसका विरोध किया था।
कुंभ क्षेत्र में शराब की दुकानें तत्काल बंद करने के निर्देश
वहीं, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने संतों की मांग पर कुंभ क्षेत्र को शराब मुक्त करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि कुंभ क्षेत्र में जहां कहीं भी शराब की दुकानें खुली हैं, उनको तत्काल बंद कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अखाड़ों के संतों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
अखाड़ों की मांग पर सभी को कुंभ छावनी के लिए भूमि आवंटित हो गई है। सरकार प्रयास करेगी कि अगले महाकुंभ के लिए भी अखाड़ों के संतों के लिए अभी से भूमि चिह्नित कर दी जाए ताकि संतों को किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।