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नीति आयोग के उपाध्यक्ष के सामने उठाया मुद्दा, फॉरेस्ट क्लीयरेंस का सरलीकरण हो : मुख्यमंत्री

Sat, 27 Feb 2021 07:33 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार के सामने राज्य की विकास परियोजनाओं की वनीय मंजूरी की प्रक्रिया के सरलीकरण का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की परियोजनाओं के लिए केंद्र की परियोजनाओं की भांति ही डिग्रेडेड फॉरेस्ट लैंड पर क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण की अनुमति दी जानी चाहिए। नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि आयोग केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से इस विषय पर चर्चा करेगा।

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वह मुख्यमंत्री मिलने उनके सरकारी आवास पर पहुंचे थे।  शनिवार को सीएम आवास में हुई इस भेंट के दौरान दोनों के मध्य उत्तराखंड से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से विचार विमर्श हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की परियोजनाओं की वनीय स्वीकृति के लिए दोगुनी भूमि पर क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण कराने का प्रावधान है। जबकि केंद्रीय परियोजनाओं के लिए ऐसा प्रावधान नहीं है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य सरकार को भी  डिग्रेडेड फोरेस्ट लैंड पर क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण की अनुमति दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फोरेस्ट क्लीयरेंस के लिए जरूरी औपचारिकताओं का सरलीकरण किया जाना चाहिए।
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नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि इन मामलों को नीति आयोग द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता से लेते हुए संबंधित मंत्रालय से बात की जाएगी।  इस अवसर पर  मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार, सचिव अमित नेगी,  राधिका झा, सौजन्या, हरबंस सिंह चुघ, एस ए मुरूगेशन सहित नीति आयोग व राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

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चीड़ के पेड़ को रिप्लेस करने को योजना बनाई जाए : डॉ. राजीव

नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि चीड़ के पेड़ हमारे यहां की परिस्थितियों के अनुरूप नहीं हैं। इन्हें धीरे-धीरे किस प्रकार स्थानीय प्रजाति के वृक्षों से रिप्लेस किया जा सकता है, इसकी योजना बनाई जानी चाहिए। इस संबंध में एफआरआई द्वारा किए गए अध्ययन की रिपोर्ट उपलब्ध कराने की बात कही। 

एसडीजी के लिए निगरानी प्रकोष्ठ बनाया जाए

उन्होंने राज्य में एसडीजी (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स) के लिए मॉनिटरिंग सेल बनाने का सुझाव दिया। यह बताए जाने पर कि राज्य सरकार की अनेक वाह्य सहायतित परियोजनाओं के प्रस्ताव एआईआईबी व एनडीबी में लंबित हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों को दिखवा लिया जाएगा। नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने राज्य में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किए जाने पर भी बल दिया।

उत्तराखंड में अर्ली वार्निंग सिस्टम के लिए अध्ययन कराएंगे

चमोली आपदा की घटना पर नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने कहा कि राज्य में अर्ली वार्निंग सिस्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक के उपयोग के लिए अध्ययन कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आपदा और संचालित सर्च रेस्क्यू आपरेशन व राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भी लगातार इस पर नजर रखे हुए थे। 
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