25 हजार की आबादी भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र में
उन्होंने कहा कि अभी तक क्षेत्र का 25 प्रतिशत भू-भाग, भू-धंसाव से प्रभावित है, जिसकी अनुमानित जनसंख्या 25000 है। पालिका क्षेत्र में दर्ज भवन लगभग 4500 हैं। उसमें से 849 भवनों में चौड़ी दरारें मिल चुकी हैं। अस्थायी रूप से विस्थापित परिवार 250 हैं। सर्वे गतिमान है एवं उक्त प्रभावित परिवार तथा भवन निरंतर बढ़ रहे हैं।
पुनर्वास के लिए पांच जगह चिन्हित
पुनर्वास के लिए पांच जगहों चयन किया गया है। इनका भू-गर्भीय परीक्षण किया जा रहा है। जोशीमठ के कुल नौ वार्ड में से चार वार्ड पूर्णत: प्रभावित हैं जबकि आठ केन्द्रीय तकनीकी संस्थान प्रभावित क्षेत्र में वैज्ञानिक परीक्षण कर रहे हैं।
गृह मंत्री को यह जानकारी भी दी
1. 16 से 22 अगस्त के मध्य केंद्रीय संस्थानों की एक संयुक्त टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया था।
2. टीम ने भू-धंसाव के बारे में कुछ ठोस सिफारिशें की थीं।
3. आठ जनवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय के कैबिनेट सचिव, एनडीएमए व अन्य केंद्रीय विभागों से समीक्षा की थी
4. नौ जनवरी केंद्रीय गृह मंत्रालय की उच्च अधिकार प्राप्त टीम व एनडीएमए के सदस्यों जोशीमठ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
5.डीएम व गढ़वाल आयुक्त एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी जोशीमठ क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं।