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Uttarakhand: सीएम धामी ने अमित शाह को दी जोशीमठ के हालात की जानकारी, मांगी केंद्रीय आपदा राहत

Wed, 18 Jan 2023 08:01 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री से भेंट की। उन्होंने गृह मंत्री को अवगत कराया कि जोशीमठ शहर बदरीनाथ का शीतकालीन निवास स्थान है।
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अमित शाह से मिले सीएम धामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नई दिल्ली में जोशीमठ में भू-धंसाव से उत्पन्न हालात की विस्तृत जानकारी दी और उनसे आपदा राहत के रूप में केंद्रीय सहायता देने का अनुरोध किया। शाह ने प्रभावितों की आवश्यक मदद का आश्वासन दिया।

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मुख्यमंत्री बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री से भेंट की। उन्होंने गृह मंत्री को अवगत कराया कि जोशीमठ शहर बदरीनाथ का शीतकालीन निवास स्थान है। इसका सामरिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्व है। यह शहर पुराने भू-स्खलन के मोटी परत के मलबे के ऊपर बसा है।

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बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण की आवश्यकता होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न केंद्रीय तकनीकी संस्थानों से विचार विमर्श के बाद प्रारंभिक रूप से बताया गया कि क्षेत्र में बड़े स्तर पर पुनर्निर्माण की आवश्यकता होगी। इसका अंतिम आकलन तकनीकी परीक्षण समाप्त होने के बाद प्राप्त होगा।

जोशीमठ में ये कार्य होने हैं
तात्कालिक राहत शिविरों की व्यवस्था, प्री फेब्रीकेटेड ट्रांजिट शेल्टर, स्थायी पुनर्वास, नए स्थानों का विकास, आवास निर्माण, मूल सुविधाएं, मसलन स्कूल, कॉलेज, ड्रेनेज, सीवरेज, जोशीमठ का पुनर्निर्माण, विस्तृतक तकनीकी जांच, भूस्खलन की रोकथाम, संपूर्ण जल निकासी व्यवस्था, शहर में सीवर लाइन की व्यवस्था सभी घरों को सीवर लाइन जोड़ने के कार्य होने हैं। इन सभी सुविधाओं के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री केंद्रीय सहाया का अनुरोध किया।

पुराना है भवनों में दरारों का इतिहास
उन्होंने बताया कि भू-स्खलन व भवनों में दरारों का इतिहास पुराना है। लेकिन गत दो जनवरी की रात से भवनों में मोटी दरारें दिखीं। जेपी परियोजना के नीचे 500 एलपीएम की नई धारा फूटने की शिकायत मिली।

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25 हजार की आबादी भू-धंसाव प्रभावित क्षेत्र में
उन्होंने कहा कि अभी तक क्षेत्र का 25 प्रतिशत भू-भाग, भू-धंसाव से प्रभावित है, जिसकी अनुमानित जनसंख्या 25000 है। पालिका क्षेत्र में दर्ज भवन लगभग 4500 हैं। उसमें से 849 भवनों में चौड़ी दरारें मिल चुकी हैं। अस्थायी रूप से विस्थापित परिवार 250 हैं। सर्वे गतिमान है एवं उक्त प्रभावित परिवार तथा भवन निरंतर बढ़ रहे हैं।

पुनर्वास के लिए पांच जगह चिन्हित
पुनर्वास के लिए पांच जगहों चयन किया गया है। इनका भू-गर्भीय परीक्षण किया जा रहा है। जोशीमठ के कुल नौ वार्ड में से चार वार्ड पूर्णत: प्रभावित हैं जबकि आठ केन्द्रीय तकनीकी संस्थान प्रभावित क्षेत्र में वैज्ञानिक परीक्षण कर रहे हैं।

गृह मंत्री को यह जानकारी भी दी
1. 16 से 22 अगस्त के मध्य केंद्रीय संस्थानों की एक संयुक्त टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया था।
2. टीम ने भू-धंसाव के बारे में कुछ ठोस सिफारिशें की थीं।
3. आठ जनवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय के कैबिनेट सचिव, एनडीएमए व अन्य केंद्रीय विभागों से समीक्षा की थी
4. नौ जनवरी केंद्रीय गृह मंत्रालय की उच्च अधिकार प्राप्त टीम व एनडीएमए के सदस्यों जोशीमठ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
5.डीएम व गढ़वाल आयुक्त एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी जोशीमठ क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं।
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