आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जीडीपी की दर के हिसाब से औसतन सालाना आठ फीसदी की बढ़ोतरी संभावित है। पिछले दो साल से सर्किल दरों में संशोधन नहीं हुआ है। इस हिसाब से इस बार इसके 16 फीसदी तक होने का अनुमान है। इसमें पांच फीसदी की दर से महंगाई दर को जोड़ दें तो दो साल में यह 10 फीसदी हो जाती है।
इस तरह जीडीपी और महंगाई दर के हिसाब से सर्किल दर करीब 26 फीसदी बढ़ सकती है। माना जा रहा है कि उच्च स्तर से प्रस्ताव पर अनुमोदन का इंतजार है। मंजूरी मिलते ही वित्त विभाग नई सर्किल दरें घोषित कर देगा।
नए शहरों और कस्बों में जमीनों की दरें बढ़ेंगी
राज्य के जिन इलाकों में पिछले दो-तीन साल में तेजी से अवस्थापना विकास हुआ है। जिन इलाकों में डबल लेन और फोर लेन परियोजनाओं का निर्माण हुआ है या ऐसी नई योजनाएं प्रस्तावित हैं, वहां सर्किल दरों में ज्यादा वृद्धि का अनुमान है। पहले से ही विकसित इलाकों में सर्किल दरों में कमा इजाफा हो सकता है, लेकिन नए इलाकों में वृद्धि दर ज्यादा होने की संभावना है।