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Uttarakhand: प्रत्येक पंचायत में लगेगी मुख्यमंत्री स्वास्थ्य चौपाल, हर 15 दिन में तैयार किया जाएगा रोस्टर

Wed, 22 Mar 2023 07:46 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बैठक कर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य चौपाल को पंचायत स्तर पर लगाने के निर्देश दिए हैं।
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मंत्री धनसिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि गांव में ही स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पंचायत स्तर पर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य चौपाल लगाए जाएंगे। हर 15 दिन में चौपाल लगाने के लिए रोस्टर तैयार किया जाएगा। नवनियुक्त स्वास्थ्य कार्यकर्ता महिला (एएनएम) को पांच साल तक प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देनी होगी। कोई भी एएनएम पांच साल से पहले ट्रांसफर के लिए सिफारिश नहीं करेगी और न ही सरकार ट्रांसफर करेगी।

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सीएम आवास में 824 एएनएम को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एएनएम की वर्षवार मेरिट आधार पर भर्ती करना कठिन था, लेकिन सरकार ने कोर्ट में शपथ पत्र देकर लिखित परीक्षा के बजाय वर्षवार नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। अब प्रदेश में 92 प्रतिशत एएनएम उपलब्ध हैं।
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शेष आठ प्रतिशत एएनएम की नियुक्ति के लिए जल्द ही प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों में 171 असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन किया गया। मुख्यमंत्री से समय मिलते ही जल्द ही असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। अप्रैल में मेडिकल कॉलेजों से पासआउट होने वाले 300 एमबीबीएस डॉक्टरों को दुर्गम क्षेत्रों में तैनाती दी जाएगी।

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बांड तोड़ने पर एक करोड़ का जुर्माना
स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में कम फीस पर बांड की व्यवस्था है। एमबीबीएस करने के बाद बांडधारी डॉक्टर दुर्गम क्षेत्रों में नहीं जाते हैं। इसके लिए अब तोड़ने पर एक करोड़ का जुर्माना देना होगा। अप्रैल में मेडिकल कॉलेजों से 300 एमबीबीएस डॉक्टर पासआउट होंगे। इन डॉक्टरों को पांच साल के लिए दुर्गम क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। 2024 तक प्रदेश में एमबीबीएस डॉक्टर सरप्लस होंगे।

प्रसव के तीन दिन में देनी होगी दो हजार की राशि
इजा बोई योजना योजना के तहत गर्भवती को निशुल्क प्रसव की सुविधा दी जाती है। स्वास्थ्य मंत्री ने नवनियुक्त एएनएम को गर्भवती महिला के प्रसव होने के तीन दिन में दो हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए गर्भवती को प्रसव तिथि से एक सप्ताह पहले अस्पताल पहुंचाने का काम एएनएम करेगी। गभर्वती को ठहरने और खाने का खर्च सरकार देगी।

एएनएम को दिया लक्ष्य
स्वास्थ्य मंत्री ने नवनियुक्त एएनएम को पांच लोगों को अंगदान और पांच लोगों को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करने का लक्ष्य दिया है। प्रदेश में अब तक दो हजार लोग नेत्रदान कर चुके हैं, जबकि 1.50 लाख ने रक्तदान किया है।
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