मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तरकाशी में दो मंजिल पार्किंग के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। पार्किंग की सुविधा जल्द उपलब्ध कराई जाए। बौन एवं बड़ेथी पेयजल योजनाओं के पुनर्गठन एवं मातली पेयजल योजना का विस्तारीकरण तेजी से हो। पुरोला-गन्दियाटगांव मोटर मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य जल्द किया जाए। तालुका-हरकीदून मार्ग पर सियागाड में क्षतिग्रस्त आरसीसी पुल का निर्माण कार्य शीघ्र किया जाए। यमुनोत्री एवं बड़कोट में पार्किंग, यमुनोत्री में रोपवे एवं बड़कोट व चिन्यालीसौड़ पेयजल के नव निर्माण से संबंधित कार्यों में तेजी लाई जाए। रुद्रप्रयाग जिले के गुप्तकाशी व ऊखीमठ पेयजल योजना में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुप्तकाशी और ऊखीमठ पेयजल योजना में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में ये विधायक व अफसर रहे मौजूद
बैठक में वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक ऋतु खण्डूड़ी, मुकेश सिंह कोली, दिलीप सिंह रावत, केदार सिंह रावत, गोपाल सिंह रावत, राजकुमार, वर्चुअल माध्यम से विधायक भरत सिंह चौधरी एवं मनोज रावत उपस्थित थे। मुख्य सचिव ओम प्रकाश, अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, प्रमुख सचिव आनंद वर्द्धन, सचिव आर के सुधांशु, तीनों जिलों के जिलाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री यदि कोई घोषणा कर रहे हैं, तो उसे पूरा होना ही चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से प्रदेश में घोषणाओं की समीक्षा की परंपरा नहीं रही। समीक्षा न होने से जनता की समस्याओं के समाधान में घोर लापरवाही हुई।
मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान मुख्यमंत्री की घोषणाओं की जिलावार समीक्षा किए जाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी तक मुख्यमंत्री की घोषणाएं होती रहीं। पुरानी घोषणाएं पीछे छूटती रहीं और नई-नई घोषणाएं आगे बढ़ती रही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री यदि कोई घोषणा करते हैं तो उसे पूरा होना ही चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार में भी मुख्यमंत्री की सिर्फ घोषणाएं ही नहीं हुईं। उनकी ओर से समय समय पर प्रयास किया गया कि घोषणाओं की समीक्षा भी की जाए ताकि उनकी प्रगति के बारे में जानकारी मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि घोषणाओं की समीक्षा का यह परिणाम रहा है कि जो घोषणाएं पूरी हो रही हैं। कई विभागों में तो 95 प्रतिशत तक घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं।