भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत
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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि सीएम त्रिवेंद्र रावत के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाए जाने से कांग्रेस चारों खाने चित हो गई है। भगत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की लोकप्रियता से झुंझलाई कांग्रेस कपिल सिब्बल के रूप में पूरे मामले के पीछे खड़ी थी।
हरिद्वार में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कपिल सिब्बल उमेश शर्मा के एक केस में खिलाफ थे। वहीं कपिल सिब्बल मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मामले में पैरवी कर रहे हैं। इससे कपिल सिब्बल ही नहीं कांग्रेस का दोहरा चरित्र सामने आया है। भगत ने कहा कि इस पूरे मामले में कांग्रेस पर्दे के पीछे खड़ी थी। सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिलने से मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगने वालों के मुंह बंद हो गए हैं। कांग्रेस को मामले में मुंह की खानी पड़ी है।
कृषि विधेयक का जिक्र करते हुए बंशीधर भगत ने कहा कि विधेयक का विरोध किसान नहीं बल्कि कांग्रेस कर रही है। विधयेक लागू होने से कांग्रेस को अपनी जमीन खिसकती नजर आने लगी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में सरकार बनने पर किसान हित में स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने की घोषणा की थी।
कांग्रेस का सरकार बनाने का सपना साकार नहीं हुआ और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार में आ गई। भाजपा ने किसानों की आय दोगुने करने के लिए स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू कर दी। इससे कांग्रेस को अपना अस्तित्व खत्म होता दिख रहा है और किसानों को गुमराह कर कृषि विधेयक का विरोध कर रही है। प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान, महामंत्री विकास तिवारी और कार्यालय प्रभारी लव शर्मा मौजूद रहे।
विकास कार्य ही नहीं जनता के साथ खड़ा रहना जरूरी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि क्षेत्र के विकास कार्य ही विधायकों की लोकप्रियकता का पैमाना नहीं है। तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंडित नारायण दत्त तिवारी का जिक्र करते हुए भगत ने कहा कि नारायण दत्त तिवारी काशीपुर को स्विजरलैंड बनाना चाहते थे। उन्होंने विकास कार्य भी किए, लेकिन वहीं की जनता ने उनका साथ नहीं दिया। भगत ने कहा कि विकास कार्यों के साथ जनता के साथ जुड़ा रहना और सुख दुख में साथ जरूरी है।