रेडियो संदेश मिलते ही टिहरी पुलिस ने सर्च अभियान चलाया तो भागीरथीपुरम-जीरोब्रिज मार्ग पर एक जगह पर पैराफिट टूटा मिला। खाई में बैग दिखने पर वाहन झील में डूबने की आशंका होते ही रेस्क्यू अभियान शुरू किया, लेकिन रात को अंधेरा होने के कारण कुछ पता नहीं चल पाया। बृहस्पतिवार सुबह सात बजे फिर से एसडीआरएफ, जल पुलिस और टीएचडीसी के गोताखोरों ने सर्च ऑपरेशन चलाया।
इस दौरान सुबह साढ़े दस बजे झील किनारे दीक्षा रावत (23) पुत्री युद्धवीर सिंह रावत और शाम साढ़े चार बजे आशीष रावत (22) पुत्र कुंवर सिंह दोनों निवासी ग्राम मौली ऊखीमठ का शव बरामद किया गया। जबकि अभिषेक रावत (25) पुत्र युद्धवीर सिंह निवासी ग्राम मौली और चालक अवतार सिंह राणा (52) पुत्र शेर सिंह निवासी ग्राम जाबरी तहसील ऊखीमठ का देर शाम तक पता नहीं चल सका।
शाम होने पर रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया। अब शुक्रवार को उनकी खोज की जाएगी। मौके पर पहुंचे केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद देने की बात कही।
देहरादून से 29 सितंबर की रात 10 बजे चले वाहन सवारों के मोबाइल की लोकेशन रात करीब दो बजे भागीरथीपुरम के पास बागी में मिली। रात होने के कारण वह डैम टॉप से नहीं जा पाए, जिससे वह जीरोब्रिज से जा रहे थे, लेकिन 30 सितंबर तड़के तीन बजे के आस-पास वाहन जीरो ब्रिज से पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि बीपुरम-जीरोब्रिज रोड की स्थिति ठीक है। ऐसे में वाहन दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार और चालक को नींद की झपकी आने के कयास लगाए जा रहे हैं।
रात को वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है, लेकिन कई बार लोग इमरजेंसी होने और जरूरी कार्य से जाने की बात कहकर बैरियर से छोड़ने का अनुरोध करते हैं। इस स्थिति में वाहन चालक को हिदायत देकर छोड़ देते हैं।
- डा. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी टिहरी।