सवाल: महाराज ने ऑफलाइन फाइल पर आपत्ति दर्ज क्यों नहीं की
ई फाइल पर अनुमोदन के मामले में तत्कालीन निजी सचिव के रवैये से नाराज सतपाल महाराज चाहते तो विभागाध्यक्ष के प्रमोशन की ऑफलाइन फाइल पर आपत्ति दर्ज करा सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। यह कहना है कि निजी सचिव के बचाव में खुलकर उतरे उत्तराखंड सचिवालय संघ का।
संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी के मुताबिक, मंत्री ने फाइल देखी लेकिन कुछ नहीं लिखा। उनका मानना है कि निजी सचिव को फंसाया जा रहा है, जबकि सबसे बड़ी चूक यह है कि विभागीय मंत्री के नाम ई फाइलिंग के लिए जो डिवाइस दी गई है, उसके प्रयोग से उसी नंबर पर ओटीपी आएगा, जो पंजीकृत है। यह नंबर निजी सचिव का रजिस्टर्ड था, ऐसा क्यों? जोशी का कहना है कि मामले की जांच हो रही है। रिपोर्ट आने से पहले मुकदमा दर्ज कराया जाना उचित नहीं है।
31 मार्च को सेवानिवृत्त हो जाएंगे एचओडी
लोनिवि के विभागाध्यक्ष अयाज अहमद की पदोन्नति पर इधर विवाद छिड़ा है, उधर उनके सेवानिवृत्ति में बहुत अधिक समय नहीं बचा है। वह 31 मार्च 2023 को रिटायर्ड हो जाएंगे। उनकी पदोन्नति के लिए डीपीसी जनवरी 2022 में हुई थी और पदोन्नति आदेश मई माह में जारी हुए। तब से इसे लेकर विवाद चल रहा है।