वन मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने बताया कि 2020-21 में पांच और 2021-22 में 10 ग्रोथ सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जायका के तहत स्थापित होने वाले इन ग्रोथ सेंटरों में क्लस्टर फेडरेशन एवं स्वयं सहायता समूहों को तकनीकी प्रशिक्षण, मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, उत्पाद विकास एवं पैकेजिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
बाघों-हाथियों की आबादी में बढ़ोतरी
कैबिनेट मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने बताया कि राज्य में बाघों व हाथियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 2006 में बाघों की संख्या 178 थी, जो 2018 तक बढ़कर 442 हो गई। हाथियों की संख्या 2017 तक 1839 थी, जो अब बढ़कर 2026 हो गई है।
तीन साल में 1.20 लाख को दिया रोजगार
वन मंत्री ने कहा कि वन विभाग ने तीन साल में 1.20 लाख लोगों को रोजगार दिया। उन्होंने बताया कि कार्बेट टाइगर रिजर्व में ढेला ‘रेस्क्यू सेन्टर’ एवं पाखरो ‘टाइगर सफारी’ की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। गर्जिया टूरिज्म जोन की स्थापना की जा रही है। धनगढ़ी म्यूजियम का उच्चीकरण किया जा रहा है।
पिछले तीन सालों में प्रतिवर्ष औसतन 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधरोपण किया गया। प्रदेश में 14.77 प्रतिशत क्षेत्र संरक्षित है, जो राष्ट्रीय औसत से तीन गुना है। वर्षा जल संरक्षण की दिशा में दो वर्षों में लगभग 68.37 करोड़ लीटर वर्षा जलसंचय की संरचनाओं का निर्माण किया गया। इस वर्ष 41.00 करोड़ लीटर जल संचय का लक्ष्य रखा गया है। 68 जल धाराओं का पुनरोद्धार का कार्य प्रगति पर है।