भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहली बार किसानों के लिए अन्नदाता शब्द का इस्तेमाल किया। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और उन्हें सामर्थ्यवान बनाने के लिए प्रधानमंत्री लगातार प्रयासरत हैं लेकिन कांग्रेस किसानों को बरगलाने का काम कर रही है।
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि देश में जब जीएसटी लागू हुआ था, तब भी विपक्षियों ने इसी तरह जनता को गुमराह करने का प्रयास किया था लेकिन अब व्यापारी जीएसटी से संतुष्ट हैं। इसी तरह विपक्षी कृषि कानूनों पर किसानों को गुमराह कर रहे हैं। रैली को विधायक राजकुमार ठुकराल, डॉ. प्रेम सिंह राणा, नवीन दुम्का, वन निगम अध्यक्ष सुरेश परिहार, प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार गिरी, जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, नैनीताल जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, पूर्व विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल, दलीप सिंह मक्कड़ सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
कृषि कानून वापस लेने के मूड में नहीं दिख रही सरकार
किसानों के भारी विरोध के बावजूद सरकार कृषि कानूनों को वापस लेने के मूड में नजर नहीं आ रही है। बृहस्पतिवार को रुद्रपुर में आयोजित भाजपा की किसान रैली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. निशंक ने इसके संकेत दिए। वह अपने संबोधन के दौरान कृषि कानूनों की प्रतियां लेकर मंच पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को कृषि कानून पढ़कर सुनाए। उन्होंने कहा कि कृषि कानून किसानों के हित में हैं, इन्हें वापस नहीं लिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान विपक्षी पार्टियों के झांसे में न आएं।
कृषि कानूनों के विरोध में शहर में बृहस्पतिवार को जमकर बवाल होने से पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूले रहे। किसानों और विपक्षी दलों ने रैली में शिरकत करने ट्रैक्टर से जा रहे विधायक राजकुमार ठुकराल और उनके काफिले पर संतरे फेंककर विरोध किया और उन्हें लौटने पर मजबूर कर दिया। हंगामा कर रहे लोग पुलिस कर्मियों के साथ धक्कामुक्की करते हुए बैरियर तोड़कर डीडी चौक तक पहुंच गए और हाईवे पर बैठकर प्रदर्शन किया। विरोध करने वालों के हुजूम के आगे कम संख्या में पहुंचे पुलिसकर्मी असहाय नजर आए।
बवाल शांत कराने के लिए टीम के साथ मोर्चे पर डटे रहे कप्तान
विपक्षी दलों और किसानों के बवाल की सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन में आ गई। बैरियर मंगाकर सड़क को चारों ओर से घेर दिया गया था। इसके बावजूद किसान बैरियर तोड़कर आगे बढ़ने में सफल रहे। बवाल को शांत कराने के लिए एसएसपी डीएस कुंवर टीम के साथ अंत तक मोर्चे पर डटे रहे। उन्होंने किसानों को समझाने का भरसक प्रयास किया।
कृषि कानूनों के समर्थन में रुद्रपुर के मोदी मैदान में आयोजित रैली में शिरकत करने जा रहे शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय को कांग्रेसियों का विरोध झेलना पड़ा। दो कांग्रेस नेताओं ने नारेबाजी करते हुए मंत्री की कार पर चूड़ियां फेंकते हुए उन्हें किसान विरोधी करार दिया। इसके बाद मंत्री ने कार रुकवाकर विरोधियों का हाथ जोड़कर अभिवादन किया। अचानक कांग्रेसियों के मंत्री की कार तक पहुंचने को उनकी सुरक्षा में चूक के रूप में देखा जा रहा है।
विरोध करने रुद्रपुर जा रहे बाजपुर के किसानों को रोका, हंगामा
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह पड्डा के नेतृत्व में रुद्रपुर में भाजपा की रैली के विरोध में जा रहे किसानों को मलेरिया रोड स्थित हाईवे पर लेवड़ा नदी पुल पर पुलिस ने घेराबंदी कर रोक लिया। एएसपी राजेश भट्ट, एसडीएम एपी वाजपेयी, सीओ दीपशिखा अग्रवाल, प्रभारी कोतवाल आईपीएस सर्वेश कुमार पंवार, एसएसआई जसविंदर सिंह और एसएसआई देवेंद्र गौरव ने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान नहीं माने। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की हो गई। गुस्साए किसान धरना पर बैठ गए प्रधानमंत्री मोदी और शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सड़क जाम होने से हाईवे पर वाहनों की कतार लग गई। इस पर एएसपी राजेश भट्ट ने उच्चाधिकारियों ने वार्ता की। उसके बाद पुलिस के साथ किसान रुद्रपुर के लिए रवाना हुए।
केंद्रीय मंत्री निशंक और शिक्षा मंत्री पांडेय के पुतले फूंके
कृषि कानूनों के विरोध में कांग्रेसियों ने धरना-प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक और प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय का पुतला फूंका। इससे पूर्व कांग्रेस प्रदेश सचिव संजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रामेश्वरपुर मोड़ पर धरना दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जबरन यह कानून किसानों पर थोपना चाहती है लेकिन पूरे देश का किसान एकजुट है और सरकार को कानून वापस लेने की पड़ेंगे।