विभाग के अनुसार जिले में 40 हजार से ज्यादा कॉमर्शियल वाहन पंजीकृत हैं। अनुमान के मुताबिक इनमें करीब 20 फीसद से ज्यादा वाहनों में प्लेट नहीं हैं। निजी वाहनों की बात करें तो यह आंकड़ा और भी ज्यादा है। खासकर टू-व्हीलर व फोर व्हीलर स्वामी प्लेट लगाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। एआरटीओ (प्रवर्तन) रश्मि पंत के अनुसार विभाग अब चेकिंग अभियान भी चलाएगा।
व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच से पहले एचएसआर प्लेट लगवाना अनिवार्य है। अब इसके बाद ही फिटनेस के लिए आवेदन स्वीकार किया जाएगा। एआरटीओ कार्यालय को लाइसेंस व अन्य कार्य के लिए आने वाले लोगों को भी एचएसआर प्लेट लगाने को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।
-दिनेश चंद्र पठोई, आरटीओ