मंगलवार तड़के आंधी और तेज बारिश से गर्मी से राहत तो कम मिली, लेकिन नुकसान बहुत ज्यादा हो गया। खटीमा में पेड़ गिरने से ओम महिला ग्राम संगठन की उपाध्यक्ष की मौत हो गई। इसके अलावा कुमाऊं भर में कई जगहों पर बिजली के पोल गिरने, तार टूटने और ट्रांसफार्मर फुंकने से ऊर्जा निगम को लाखों का नुकसान हो गया। कई इलाकों में मंगलवार शाम तक भी आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी थी।
मंगलवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर कोसी नदी पर बने क्वारब पुल का एक गार्डर गिर गया, जिससे पुल में बड़ा छेद हो गया। यह पुल तीन जिलों की लाइफ लाइन है। नैनीताल और ज्योलीकोट से आने वाले बड़े वाहन खैरना-रानीखेत होते हुए जा रहे हैं। साथ ही भीमताल से आने वाले वाहन खुटानी से होते हुए जा रहे हैं।
ऊधमसिंह नगर के नारायण नगर नगरा तराई (खटीमा) में मंगलवार सुबह यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आकर कमला देवी (30) की मौके पर ही मौत हो गई। कमला ओम महिला ग्राम संगठन की उपाध्यक्ष के साथ ही गांव में शांति समूह के नाम से संगठन भी चलाती थीं।
इधर, आंधी और बारिश से रुद्रपुर, लालपुर, बरा, पंतनगर आदि क्षेत्रों में तार टूटने और पांच से अधिक ट्रांसफार्मर फुंकने से 24 से अधिक गांवों में घंटों बिजली गुल रही। काशीपुर में जहां सौ से अधिक वहीं बाजपुर में 45 से अधिक बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। बाजपुर क्षेत्र में 30 कच्चे मकान धराशायी हो गए। सितारगंज के पुराने तहसील परिसर में लगा विशालकाय पीपल का पुलिस कर्मियों के आवास पर गिर पड़ा।
इससे एक आवास क्षतिग्रस्त हो गया और चहारदीवारी भी टूट गई और एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। चंपावत में बारिश के बाद धौन से सल्ली को जाने वाली सड़क पर पत्थर गिरने से काफी देर तक आवाजाही ठप रही। पिथौरागढ़, बागेश्वर और अल्मोड़ा में भी आंधी के चलते कई जगह बिजली और पानी की सप्लाई बंद रही।