अफसरों की फौज वाले शिक्षा विभाग में प्रभार का गजब गणित देखने को मिल रहा है। हाल यह है कि कई अफसरों को अतिरिक्त प्रभार दे दिए गए हैं, जबकि कुछ अफसरों को कोई भी प्रभार नहीं दिया गया है।
ताजा मामला शिक्षा निदेशालय में उप निदेशक के पद पर कार्यरत आनंद भारद्वाज का है। विभाग में अफसरों की कमी न होने के बावजूद इन्हें विभाग में तीन अतिरिक्त प्रभार दे दिए गए हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार का अतिरिक्त प्रभार देख रहे भारद्वाज को शासन ने अब प्रभारी संयुक्त निदेशक प्रारंभिक शिक्षा के पद से कार्यमुक्त करते हुए उनकी उप निदेशक माध्यमिक शिक्षा के पद पर तैनाती की है। इसके अलावा उन्हें उप निदेशक विधि का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
इनके अलावा अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा पौड़ी गढ़वाल से शिक्षा निदेशालय देहरादून लाए गए एसपी खाली को अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा के पद के साथ ही अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा का भी अतिरिक्त चार्ज दे दिया गया है। जबकि उनके पास संस्कृत शिक्षा के निदेशक का पहले से अतिरिक्त प्रभार है। उप निदेशक आनंद भारद्वाज के पास तो एक पद के प्रति अब तीन अतिरिक्त प्रभार हैं।
वह संस्कृत अकादमी में भी सचिव हैं। शिक्षा निदेशालय में संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा भूपेंद्र नेगी के पास संस्कृत शिक्षा का अतिरिक्त प्रभार है। संयुक्त निदेेशक मुकुल कुमार सती के पास भी दो अतिरिक्त प्रभार हैं। जबकि विभाग में अफसरों की अच्छी खासी फौज है, लेकिन शिक्षा विभाग के प्रशासनिक संवर्ग के कई अफसर नियमों को ताक पर रखकर एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान) देहरादून में जमे हैं।
नियमानुसार एससीईआरटी में शैक्षिक संवर्ग के अधिकारियों की तैनाती होनी थी। शासन की ओर से पूर्व में इसका ढांचा भी स्वीकृत किया गया है। इसके बावजूद शैक्षिक संवर्ग में शिक्षा विभाग के प्रशासनिक संवर्ग के अधिकारी तैनात हैं। विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि विभाग में अधिकारियों की कमी न होने के बावजूद इस तरह एक पद के प्रति अधिकारियों को तीन से चार अतिरिक्त चार्ज दिए जाने से विभागीय कार्यों पर भी इसका असर पड़ रहा है। इस मामले में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे से प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं किया जा सका, इस मसले पर उनका पक्ष आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
जब विभाग में अफसरों की कमी नहीं है, ऐसे में अतिरिक्त प्रभार दिए जाने का कोई मतलब नहीं है, वहीं विभाग में अफसरों को इधर से उधर किया जा रहा है। जबकि शिक्षकों के मामले में तबादला सत्र शून्य बताया जा रहा है। एक्ट सभी के लिए समान रूप से लागू होना चाहिए।
- दिग्विजय चौहान, प्रांतीय अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
विभाग में शिक्षकों की कमी है, लेकिन अफसरों की कोई कमी नहीं है, अफसरों को समान रूप से पद मिलें, इसे दिखवाया जाएगा।
- बंशीधर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक