पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में बनाए गए दायित्वधारियों को हटा दिया गया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के निर्देश पर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने शुक्रवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। प्रदेश सरकार में नेतृत्व परिवर्तन के बाद से ही दायित्वधारियों को पदों से हटाने की संभावनाएं जताई जा रही थी।
संवैधानिक पदों पर नियुक्त महानुभावों को पद मुक्त नहीं किया गया
त्रिवेंद्र सरकार में 100 से अधिक बना दिए थे दायित्वधारी
पिछले चार साल के दौरान त्रिवेंद्र सरकार में 100 से अधिक दायित्वधारी बना दिए गए थे। शुरुआत दो साल में दायित्वधारियों की संख्या सीमित थी। लेकिन बाद के दो सालों में बड़ी संख्या में दायित्व बांटे गए। इसके बावजूद पार्टी में दायित्वों को लेकर असंतोष रहा।
अब शुरू होगा दायित्व बचाने और हासिल करने का खेल
त्रिवेंद्र सरकार के सभी दायित्वधारियों की कुर्सी खिसक जाने के बाद अब अपनी कुर्सियों को बचाने और दायित्व हासिल करने का खेल शुरू हो जाएगा। दायित्वधारियों को पदमुक्त करने के बाद खाली हो गई कुर्सियों पर नई ताजपोशी करने के लिए कसरत भी शुरू हो गई है।
संगठन से बाद कर बनाए जाएंगे दायित्वधारी
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के छह अप्रैल को क्वारंटीन अवधि से बाहर आने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान वह प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक व प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार से चर्चा कर नए दायित्वधारियों की ताजपोशी का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने साधी चुप्पी
दायित्वधारियों को हटाए जाने के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने चुप्पी साधी है। शुक्रवार को पौड़ी से लौटते हुए वह ऋषिकेश में पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। यह सरकार का निर्णय है।