सोमवार को दोबारा बरेली एयरबेस से पहुंचे वायुसेना के दो एमआई-17 व दो अपाचे हेलीकॉप्टरों ने रनवे पर लैंडिंग व टेक ऑफ कर व्यवस्थाएं परखी। इस दौरान हरक्यूलिस विमान ने भी इन हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग से पहले हवाई अड्डे पर चल रहे मिट्टी समतलीकरण कार्य का जायजा लिया। सूत्रों के अनुसार यहां मिट्टी समतलीकरण का कार्य पूरा होते ही जल्द वायुसेना के गजराज रक्यूलिस विमान की लैंडिंग व टेक ऑफ का अभ्यास किया जाएगा। हालांकि पूर्व में भी आपदा के दौरान यहां एक बार हरक्यूलिस विमान की लैंडिंग हो चुकी है।
यह है हरक्यूलिस विमान की खासियत
अमेरिका से खरीदे गए सी-130 जे- सुपर हरक्यूलिस विमान भारतीय वायुसेना के सबसे ताकतवर विमानों से एक है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि यह 20 टन के भार के साथ कहीं भी लैंडिंग व टेक ऑफ कर सकता है। एक बार में 92 लड़ाकू सैनिकों या 64 पैराट्रूपर्स को लाने-ले जाने में सक्षम है। यह विमान छोटी हवाई पट्टी से भी उड़ान भरने या लैंड करने की क्षमता रखता है।