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किसाऊ प्रोजेक्ट पर राज्यों के बीच समझौता जल्द, लखवाड़ परियोजना पर कैबिनेट क्लीयरेंस भी मिलेगी

Wed, 24 Feb 2021 09:48 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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तकरीबन 10 हजार करोड़ की लागत की 660 मेगावाट की किसाऊ जल विद्युत परियोजना के लिए राज्यों के बीच जल्द समझौता होगा। साथ ही लखवाड़ जल विद्युत परियोजना पर कैबिनेट क्लीयरेंस भी जल्द मिल जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अनुरोध पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी दी है।

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किसाऊ परियोजना से उत्तराखंड व हिमाचल के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान के हित जुड़े हैं। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि उत्तराखंड के सभी लंबित मसले एक महीने के अंदर हल हो जाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से भेंट के दौरान यह मसला उठाया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से उत्तराखंड में 228 करोड़ 40 लाख लागत की छह सीवेज शोधन संयंत्र और सीवर लाईन के प्रस्ताव को मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने नमामि गंगे के अंतर्गत उत्तराखंड में गंगा और उसकी सहायक नदियों पर 22.04 करोड़ लागत के आठ स्नान व मोक्ष घाट के प्रस्ताव को भी स्वीकृति देने का आग्रह किया। 
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बाढ़ सुरक्षा योजनाओं की इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस भी मांगी

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से केंद्र पोषित बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के तहत इन्वेस्ट क्लीयरेंस की मांग की। उन्होंने कहा कि  वर्ष 2014-15 व 2015-16 में 1108 करोड़ 38 लाख रुपये की 38 बाढ़ सुरक्षा योजनाएं  के प्रस्ताव केंद्र को भेजे गए थे। इन प्रस्तावों की टेक्नो इकॉनोमिक क्लीयरेंस प्रदान की जा चुकी है। अब इनके इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस की स्वीकृति दी जानी हैं। 

हर खेत को पानी योजना के लिए चार लाख रुपये प्रति हेक्टेयर दे केंद्र 

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हर खेत को पानी के लिए 2.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर को बढ़ाकर चार लाख रुपये प्रति हेक्टेयर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब तक ऐसा नहीं हो जाता है तब तक राज्य सरकार को 2.5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से अधिक की लागत को स्वयं वहन करने की अनुमति दी जाए।

इस योजना में पर्वतीय क्षेत्रों में अतिवृष्टि व दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त सिंचाई योजनाओं के जीर्णोद्धार, पुनरोद्धार व सुदृढ़ीकरण को भी शामिल किया जाए। उन्होंने योजना के तहत क्षेत्र के 349 करोड़ 39 लाख की 422 नई योजनाओं को मंजूरी देने का अनुरोध किया। 

टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी

रेल मंत्रालय ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दी दे दी है। रायवाला सेक्शन में रेल लाइन का दोहरीकरण होगा। देहरादून व योगनगरी ऋषिकेश के बीच सीधी रेल सेवा के लिए डायवर्जन लाइन का निर्माण होगा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अनुरोध पर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यह स्वीकृति दी है। 

 मंगलवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से भेंट की। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में रेल कनेक्टिविटी के विकास के लिए रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री के अनुरोध पर रेल मंत्री ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे की स्वीकृति दी।

रेल मंत्री ने हरिद्वार-रायवाला सेक्शन में वर्तमान सिंगल रेल लाइन के दोहरीकरण और देहरादून व योगनगरी ऋषिकेश के मध्य सीधी रेल सेवा उपलब्ध कराने के लिए लक्सर की भांति रायवाला स्टेशन से पहले डायवर्जन लाइन के निर्माण पर स्वीकृति दी।

उन्होंने इस पर रेलवे के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। रेल मंत्री ने मुख्यमंत्री रावत के सुझाव पर पुराने ऋषिकेश स्टेशन के वाणिज्यिक उपयोग के लिए रेलवे के अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने को निर्देशित किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में स्विटजरलैंड की तर्ज पर रेलवे और रोप-वे बनाने के लिए रेल मंत्रालय द्वारा अध्ययन कराया जाएगा।

सब्सिडी के बकाया 640 करोड़ राशि जारी करने के निर्देश 

मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल से विकेंद्रीकृत खरीद प्रणाली के तहत उत्तराखंड के सब्सिडी के बकाया 640 करोड़ रुपये की राशि जारी करने का अनुरोध किया। गोयल ने मंत्रालय के अधिकारियों को धनराशि जारी करने के निर्देश दिए।

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