मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के पास अपने कार्यकाल में नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए एक साल का भी समय नहीं है। थोड़े वक्त में कुछ अलग कर दिखाने का उन पर दबाव रहेगा। कोरोना का बढ़ता संक्रमण, कुंभ मेले का सफल आयोजन, चारधाम यात्रा और मानसून की चुनौतियों के बीच उन्हें राज्य की विकास यात्रा को जारी रखना है।
जिलों में विकास योजनाओं की करेंगे पड़ताल
मुख्यमंत्री जब जिलों के दौरों पर निकलेंगे तो इस दौरान वह वहां संचालित हो रही योजनाओं की पड़ताल भी करेंगे। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इन योजनाओं का पूरा ब्योरा तैयार करने के निर्देश दिए।
डीपीआर बनाएं, टेंडर जारी करें
चुनावी साल में विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नए वित्तीय वर्ष में विकास योजनाओं की डीपीआर तैयार बनवा लें। साथ ही सभी टेंडर भी जारी करें। उन्होंने योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर जोर देने को कहा है।
विधायकों व सांसदों को महत्व
विधायकों और सांसदों को महत्व देने पर जोर दिया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि विभिन्न दिवसों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और उनमें क्षेत्र के सांसदों और विधायकों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए।
कम प्रगति वाली योजनाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री का उन योजनाओं पर फोकस करना चाहते हैं, जिनकी प्रगति धीमी और कम है। मुख्य सचिव ने ऐसी योजनाओं की सूची बनाकर उनकी प्रगति में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं। उनके और अपर सचिव के स्तर पर भी समीक्षा बैठकें होंगी। साथ ही मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठकों के कार्यवृत्त तीन दिन में तैयार हो जाएंगे। ये सारा ब्योरा मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजना होगा।