एरो मेडिकल एंबुलेंस सर्विस कोर्स के पाठ्यक्रम पर काम कर रहे डॉ. मधुर उनियाल ने बताया कि उन्होंने सर्टिफिकेट कोर्स का पूरा खाका तैयार कर लिया है। शीघ्र ही इसे शुरू किया जाएगा। संस्थान में इस कोर्स के शुरू होने से उत्तराखंड में आपदा की स्थिति में ट्रामा पेशेंट के साथ ही ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट अटैक, अंग प्रत्यारोपण और मातृ मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी।
राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले गंभीर मरीजों को तुरंत स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए इस सेवा से जोड़ने के उद्देश्य से ही हेली एंबुलेंस की परिकल्पना की गई थी, लेकिन यह तभी साकार हो पाएगी, जब हम इस सेवा से जुड़े तमाम पहलुओं और इसकी जरूरतों को पूरा करें। एरो मेडिकल एंबुलेंस सर्विस कोर्स निसंदेह आने वाले दिनों में एडवांस चिकित्सकीय जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान निभाएगा।
-प्रो. रविकांत, निदेशक, एम्स ऋषिकेश