सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म का लिया जाएगा सहारा
डायरेक्टर विजिलेंस डॉ. वी मुरुगेशन ने बताया कि अभी इस वेबसाइट और टोल फ्री नंबर के प्रचार प्रसार में बेहद कमी है। इसी का परिणाम है कि शिकायतें घट रही हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कम शिकायतों में भी विजिलेंस ने 2022 से ज्यादा ट्रैप किए। यानी कुछ हद तक लोगों में इस बात की जागरुकता तो है कि इस नंबर पर केवल सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ ही शिकायत की जा सकती है। लेकिन, यदि जागरुकता का दायरा बढ़ेगा तो निश्चित तौर पर शिकायतों में भी बढ़ोतरी होगी। इसके लिए सोशल मीडिया के हर प्लेटफार्म का सहारा लिया जाएगा।
पहाड़ी जिलों में स्पेशल कोर्ट की शक्ति देने को भेजेंगे प्रस्ताव
विजिलेंस का मानना है कि लोग कानूनी प्रक्रिया को लेकर भी कम आगे आते हैं। इसका कारण है कि प्रदेश में विजिलेंस की दो ही स्पेशल कोर्ट हैं। एक देहरादून और दूसरी नैनीताल में। ऐसे में पहाड़ी जनपदों के लोग कानूनी प्रक्रिया में भाग लेने से भी घबराते हैं। उन्होंने इसके लिए कुछ पहाड़ी जिलों में भी स्पेशल कोर्ट की शक्ति दिए जाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने की बात कही है। माना जा रहा है कि यदि आसपास कोर्ट होंगी तो लोग शिकायतें करने आगे आएंगे। इससे उनका आने जाने का खर्च भी बचेगा।
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वेबसाइट को किया गया अपडेट
डायरेक्टर विजिलेंस ने बताया कि विजिलेंस की वेबसाइट को भी अपडेट किया गया है। इस पर अब क्या करें क्या न करें और किस तरह से शिकायत करें आदि जानकारियां जोड़ी गई हैं। इसके अलावा अब वेबसाइट पर एफआईआर भी देखी जा सकती है। वेबसाइट पर तमाम ऐसी जानकारियां वीडियो और टेक्स्ट के माध्यम से बताई गई हैं जो लोगों के लिए लाभकारी हो सकती हैं।