उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं में 38.41 फीसदी की कमी आई है। राज्य सरकार ने 2020 तक 50 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य तय किया है।
जुलाई तक सड़क हादसों के शिकार हुए लोगों की दर उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिले में सबसे अधिक है। उत्तरकाशी में मृतकों की संख्या में 111 प्रतिशत और पिथौरागढ़ में 133 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 2020 के दौरान 510 सड़क दुर्घटनाओं में 341 लोगों की मौत हुई। इनमें से 31 फीसदी मौतें केवल देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले में हुईं।
परिवहन आयुक्त दीपेंद्र चौधरी ने सभी जिला मजिस्ट्रेटों (जो जिला सड़क सुरक्षा समितियों के अध्यक्ष भी हैं) को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के दिशा निर्देश जारी किए हैं। जारी पत्र में उन्हें 2020-21 व 2021-22 की सड़क सुरक्षा कार्ययोजना बनाने को कहा गया है। इसके तहत स्थल वार किए जाने वाले बदलाव, इंजीनियरिंग और इमरजेंसी मेडिकल केयर का प्रमुखता से उल्लेख हो।
पत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की गठित सड़क सुरक्षा समिति के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। साथ ही सड़क हादसों, उनमें होने वाली जनहानि के कारणों की पड़ताल के भी निर्देश दिए गए। ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना आशंकित क्षेत्रों का सुधार करने और रोड सेफ्टी आडिट कराने पर जोर दिया गया।
प्रदेश में जुलाई तक के हादसों का ब्योरा
आंकड़ों में सड़क दुर्घटनाएं
828 सड़क दुर्घटनाएं हुईं थीं 2019 में
510 सड़क दुर्घटनाएं हुईं हैं 2020 में
38.41 प्रतिशत की आई कमी
सड़क हादसों में मौतें
515 लोग मारे गए थे 2019 में
341 लोग मारे गए 2020 में
33.79 प्रतिशत की कमी आई
सड़क हादसों में घायल
909 लोग घायल हुए थे 2019 में
414 लोग घायल हुए 2020 में
54.46 प्रतिशत की कमी आई
दुर्घटनाओं का ब्योरा
मैदानी जिलों में
जिला 2019 2020
देहरादून 191 124
ऊधमसिंह नगर 225 156
हरिद्वार 163 97
पर्वतीय जिलों में दुर्घटनाएं
जिला 2019 2020
नैनीताल 163 97
चंपावत 14 03
बागेश्वर 04 02
पिथौरागढ़ 07 07
रुद्रप्रयाग 08 04
चमोली 18 11
उत्तरकाशी 14 06
अल्मोड़ा 03 01
टिहरी 27 27
पौड़ी 30 07