मंत्री के मुताबिक आयुर्वेदिक अस्पतालों में चिकित्सकों के करीब 300 पद खाली हैं। पहले इन पदों को संविदा के आधार पर भरने का फैसला हुआ था। इसमें समय लगना तय था। अब फैसला किया गया है कि चिकित्सकों सहित 70 फार्मेसिस्टों के पदों को उपनल के जरिये एक सप्ताह में भरा जाएगा। इससे चिकित्सालयों में स्टाफ की कमी भी पूरी हो सकेगी।
आईएमपीसीएल से आयुष-64 की खरीद को हरी झंडी
कोरोना के माइल्ड और मॉडरेट रोगियों के उपचार में काम आने वाली आयुष-64 की खरीद की भी तैयारी कर ली गई है। आयुष मंत्री हरक सिंह के मुताबिक दवा बनाने वाली कंपनी आईएमपीसीएल ने आपूूर्ति को हरी झंडी दे दी है। पहले चरण के लिए कंपनी से करीब दो लाख किट की मांग की गई है। केंद्रीय संस्थाओं के स्तर पर हुए शोध में पाया गया है कि आयुष-64 कारोना संक्रमण के उपचार की कारगर दवा है। इससे आयुर्वेदिक अस्पतालों को भी संक्रमण की रोकथाम में काम करने में आसानी होगी।