प्रदेश की 173 वन पंचायतों को राष्ट्रीय वनीकरण योजना के तहत वन विभाग इस बार 11 करोड़ रुपये देगा। इसका प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया गया है।
प्रदेश में संयुक्त वन प्रबंधन के तहत वन विकास अभिकरण की ओर से पिछले तीन सालों में 243 वन पंचायतों को राष्ट्रीय हरित योजना के तहत चिह्नित किया गया था। राष्ट्रीय हरित योजना केंद्र सरकार ने 2014 में शुरू की थी। इस योजना के तहत ग्रीन कवर को बढ़ाने के लिए सघन वनीकरण किया जाता है।
वन पंचायतों की व्यवस्था पूरे देश में केवल उत्तराखंड में ही है और वन पंचायतें संयुक्त वन प्रबंधन के तहत अपने वनों की देखभाल करती हैं। इसी के तहत 243 वन पंचायतों को अभी तक राष्ट्रीय हरित योजना के तहत करीब छह करोड़ रुपये दिए गए थे।
इस बार 2020-21 की योजना के लिए वन विभाग के स्तर से 173 वन पंचायतों का चयन किया गया है। इन पंचायतों को भी करीब 11 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। इस योजना के तहत वन पंचायतें अपने वन क्षेत्र में वन उपज बढ़ाने वाले पौधों का रोपण भी कर सकती हैं।