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उत्तराखंड: हर साल 150 हादसे...वजह बाइक चलाते नाबालिग बच्चे

Fri, 19 Mar 2021 01:41 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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सांकेतिक चित्र - फोटो : Social Media
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उत्तराखंड में हर साल सैकड़ों जिंदगी जवानी की दहलीज पर पहुंचने से पहले ही सड़कों पर दम तोड़ देती हैं। ये वो किशोर-किशोरियां हैं, जिनके हाथों में एक्सीलरेटर थमा दिया जाता है। हवा से बातें करते हुए उनका सामना मौत से हो जाता है। नाबालिगों के वाहन चलाने के कारण ही प्रदेश में हर साल 150 से ज्यादा घातक हादसे होते हैं। 

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दरअसल, पिछले दिनों यातायात निदेशालय ने ऐसे नाबालिगों और उनके माता व पिता के खिलाफ कार्रवाई की रणनीति बनाई थी। यातायात निदेशालय ने इससे पहले जब आंकड़े तलाशे तो चौंकाने वाले थे। तीन साल पहले 2018 में कुल 76 किशोर-किशोरियों ने सड़क हादसों में जान गंवाई थी। जबकि, 100 घायल हुए थे। हालांकि, अगले साल मौत का आंकड़ा जरूर घटा, लेकिन घायलों की संख्या डेढ़ गुने से भी ज्यादा हो गई। 

इसी तरह वर्ष 2020 में लगभग छह महीने लॉकडाउन रहा। बावजूद इसके पूरे साल में 28 किशोर-किशोरियों ने सड़क हादसों में जान गंवाई। इसे साथ ही 60 नाबालिग इन घटनाओं में घायल हुए। अब इन पर अंकुश लगाने के लिए यातायात निदेशालय ने मजबूत रणनीति बनाने का दावा किया है। 
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वर्ष                  मृतक               घायल
2018              किशोर- 53        किशोर- 68
                      किशोरी- 23        किशोरी- 32
2019              किशोर- 36         किशोर- 118
                      किशोरी- 18        किशोरी - 48
2020               किशोर- 23         किशोर- 36
                       किशोरी-05          किशोरी- 24

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माता पिता के खिलाफ होंगे मुकदमे 

यातायात निदेशालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अब नाबालिगों के खिलाफ स्कूलों में चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। यदि कोई बिना लाइसेंस वाहन चलाता है तो उसके माता पिता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199(क) में अंतर्गत ऐसे नाबालिगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। 

नाबालिगों के वाहन चलाने के कारण होने वाली दुर्घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। इन पर अंकुश लगाने के लिए अब यातायात पुलिस ने कमर कस ली है। पूरे प्रदेश में अब स्कूलों में पार्किंग में खड़े वाहनों को चेक किया जाएगा। इसके साथ ही यदि कोई नियम विरुद्ध वाहन लाएगा उसके माता पिता या संरक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
- केवल खुराना, निदेशक यातायात।
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