मदरसा बोर्ड से पूर्व में पंजीकृत मदरसे
मदरसा बोर्ड खत्म होने से पहले बोर्ड से देहरादून में 41, नैनीताल में 18, अल्मोड़ा में एक, पिथौरागढ़ में एक, हरिद्वार में 270, ऊधमसिंह नगर में 119 और चंपावत में दो मदरसे तहतानिया, फौकानिया, मुंशी-मौलवी एवं आलिम, अरबी-फारसी की मान्यता लिए थे। इसके अलावा भी राज्य में कई अन्य मदरसे चल रहे थे। मदरसा बोर्ड से बिना पंजीकृत मदरसों की प्राधिकरण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के पास रिपोर्ट नहीं है।
मुख्यमंत्री धामी के स्पष्ट निर्देशों और सख्त नीतियों के अनुपालन में प्रशासन की ओर से मदरसों की जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान का ही नतीजा है कि बिना मान्यता चल रहे कई मदरसे खुद ही बंद हो चुके हैं। अभियान आगे भी जारी रहेगा।
-डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, अध्यक्ष राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण