इसके बाद जनवरी के आखिरी सप्ताह में तय पुलिस उप निरीक्षक और पर्यावरण पर्यवेक्षक, प्रयोगशाला सहायक की भर्ती नहीं निकली। अब मार्च में मानचित्रकार, प्रारूपकार की भर्ती निकालने की योजना है लेकिन अभी यह पुष्ट नहीं है। इससे हजारों युवाओं का सरकारी नौकरी का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
प्रस्तावों में संशोधनों में लटकी फाइलें
दरअसल, नई भर्तियों के प्रस्तावों (अधियाचन) में संशोधन के चक्कर में फाइलें लटकी हुई हैं। आयोग के सचिव गिरधारी सिंह रावत का कहना है कि पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती की सेवा नियमावली में कुछ संशोधन होना है। मानचित्रकार प्रारूपकार की भर्ती के प्रस्ताव में भी बदलाव होना है। उन्होंने कहा कि आयोग के स्तर से तैयारी पूरी है लेकिन प्रस्ताव शासन से अभी वापस आने का इंतजार है।