उत्तराखंड सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी नीति 2016-25 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस नीति में आईटी उद्योगों को प्रदेश में आकर्षित करने और रोजगार बढ़ाने पर जोर दिया गया है। उद्योगों को आकर्षित करने के लिए कई तरह की सब्सिडी की व्यवस्था की गई है। यह नीति आगामी दस साल के लिए तैयार की गई है और प्रत्येक तीन साल के बाद इसकी समीक्षा की जाएगी।
प्रदेश के गठन के बाद सबसे पहले 2003 में आईटी नीति बनी थी और इसके बाद 2006 में नीति बनाई गई थी। आईटी विभाग ओर से नई पॉलिसी का ड्राफ्ट कैबिनेट की मीटिंग में रखा गया, जिसे मंजूरी दे दी गई। नई नीति में आईटी उद्योग के लिए कैपिटल सब्सिडी की व्यवस्था की गई है।
इसके तहत ए और बी श्रेणी के उद्योगों को 45 फीसदी और अधिकतम 45 लाख, सी और डी श्रेणी के उद्योगों के लिए 35 फीसदी और अधिकतम 45 लाख रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। आईटी उद्योगों द्वारा वैकल्पिक ऊर्जा का इस्तेमाल करने पर 10 से 20 फीसदी की सब्सिडी के साथ-साथ स्टांप ड्यूटी में भी छूट की व्यवस्था की गई है।