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उत्तराखंड: पुष्कर सिंह धामी के सीएम बनने पर सामने आई संगठनों और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया, पढ़ें किसने क्या कहा...

Sat, 03 Jul 2021 10:40 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

आम आदमी पार्टी ने कहा कि बहुमत के बाद भी साढ़े चार साल में तीसरा मुख्यमंत्री जनता पर थोपा गया है। भाजपा ने उत्तराखंड को मुख्यमंत्री बनाने की प्रयोगशाला बना दिया है। 
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पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी ने कहा कि उत्तराखंड में बार-बार नेतृत्व परिवर्तन कर भाजपा ने लोकतंत्र का मजाक बना दिया है। प्रदेश में उप चुनाव कराने के लिए किसी तरह कोई संवैधानिक संकट नहीं है। मुख्यमंत्री ने गंगोत्री उप चुनाव में हार के डर से इस्तीफा दिया है।

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शनिवार को धर्मपुर स्थित प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता में पार्टी के प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया ने कहा कि 2017 में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने प्रदेश की जनता को स्थिर सरकार देने का वादा करते हुए कहा था कि प्रदेश में मुख्यमंत्रियों की अदला-बदली का खेल खत्म किया जाएगा। लेकिन सत्ता में आने के बाद भाजपा ने इस वादे को कूड़ेदान में डाल दिया। साढे़ चार साल में ही तीन मुख्यमंत्री बना दिए हैं। भाजपा के इस रवैये से लगता है कि चुनाव होने तक चौथा मुख्यमंत्री भी बन सकता है। 

आप नेता कर्नल (रिटायर्ड) अजय कोठियाल ने कहा कि राज्य गठन के 20 सालों में भाजपा व कांग्रेस स्थिर सरकार नहीं दे पाई। प्रदेश की गंगोत्री सीट पर उपचुनाव कराने में कोई संवैधानिक संकट नहीं है। भाजपा ने गंगोत्री में सर्वे कराया था। जिसमें भाजपा को चुनाव हारने का फीडबैक मिला है। हार के डर से तीरथ सिंह ने सीएम पद से इस्तीफा दिया है। 
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कोठियाल ने कहा कि आप ने सीएम तीरथ को गंगोत्री से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी लेकिन वह मैदान छोड़ कर भाग गए और सांविधानिक संकट का बहाना बना रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा राज्य बनने के बाद से ही उत्तराखंड में फ्रेंडली मैच खेल रहे हैं। इन दोनों के बीच पांच-पांच साल तक बारी-बारी से सत्ता की डील की जा रही है, लेकिन इस बार प्रदेश की जनता इनकी असलियत जान चुकी है और 2022 में दोनों ही दलों को ही करारा जवाब देने को तैयार है। 

पुष्कर धामी हमारे बहुत पुराने कार्यकर्ता हैं। शुरू से ही संगठन के लिए वह समर्पित रहे हैं। युवा हैं, ऊर्जावान हैं। निश्चित तौर पर 2022 का चुनाव उनकी अगुवाई में ही फतह करेंगे।
- तीरथ सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री 

डबल इंजन पटरी से उतर चुका है
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा के अंदर चलने वाली चूहा दौड़ निंदनीय है। जिस तरह से प्रचंड बहुमत की सरकार के बावजूद मुख्यमंत्री बदले जा रहे हैं, वह भाजपा की अंदरूनी कलह का स्पष्ट सबूत है। यह इस बात का भी प्रमाण है कि भाजपा नेताओं को सिर्फ सत्ता की लालसा है। राज्य की स्थिति से उनका कोई लेना-देना नहीं है। विधानसभा चुनाव के चंद महीने पहले तीसरा मुख्यमंत्री बनाना दर्शाता है कि 2017 में जिस डबल इंजन के डबल विकास का वादा मोदी उत्तराखंड के लोगों से करके गए थे, वह डबल इंजन पूरी तरह से पटरी से उतर चुका है। बीते बीस सालों में भाजपा-कांग्रेस के नेताओं की सत्ता लोलुपता ने उत्तराखंड के केवल मुख्यमंत्री उत्पादक प्रदेश बना कर रख दिया है।
- इंद्रेश मैखुरी, राज्य कमेटी सदस्य भाकपा (माले)

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जल, जंगल, जमीन पर अधिकार के सवाल हाशिए पर 

उत्तराखंड राज्य के साथ जो जनाकांक्षाएं जुड़ी हुई थी, वे बीते दो दशक में धराशायी हो गयी हैं। पलायन, रोजगार, जल, जंगल, जमीन पर अधिकार जैसे तमाम सवाल हाशिये पर चले गए हैं। स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं, लेकिन सत्ताधारी दलों के लिए प्राथमिकता मुख्यमंत्री पद की दौड़ में जीत हासिल करना है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद उत्तराखंड में व्यापार-व्यवसाय ठप है। भाजपा सरकार के कुप्रबंधन को देखते हुए उच्च न्यायालय ने चारधाम यात्रा पर रोक लगा दी है। इसके चलते इस यात्रा पर रोजगार के लिए निर्भर लोगों के सामने दूसरे साल रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। नर्सिंग भर्ती की बार-बार बदलती तारीखों के बीच पैसे के लेनदेन की चर्चा चल पड़ी है। 
- समर भंडारी, राज्य सचिव, भाकपा 
 
तीरथ सिंह रावत तब भर्तियों का एलान कर रहे थे, जबकि वे खुद मुख्यमंत्री पद से हटने वाले थे। जो उत्तराखंड के बेरोजगारों के साथ छल है। बीते साढ़े चार सालों में पीसीएस की परीक्षा तक नहीं हुई। तीरथ सिंह रावत अपने हास्यास्पद बयानों और कुंभ टेस्टिंग घोटाले जैसी बातों के लिए ही याद किए जाएंगे। दिल्ली के रिमोट कंट्रोल से उत्तराखंड को चलाने की कोशिशें निंदनीय और उत्तराखंड की जनता के जनमत का अपमान है। वामपंथी पार्टियां उत्तराखंड की जनता से आह्वान करती हैं कि वे जनता के जनमत का मखौल उड़ाने वालों को सबक सिखाते हुए जनता के संघर्षों के साथ खड़ी ताकतों के पक्ष में एकजुट हों। 
- राजेंद्र नेगी, राज्य सचिव, माकपा

भाजपा के मुख्यमंत्री चयन का सीन नाटकीय तरीके से समाप्त हुआ। कुछ लोगों के लिए अंगूर हमेशा-हमेशा के लिए खट्टे हो गए हैं। खुशी है एक किसान का बेटा पुष्कर सिंह धामी राज्य का मुख्यमंत्री बना है, उनको बहुत-बहुत बधाई। आज शुभकामनाएं देने का दिन है। कल मैं इस सारे घटनाक्रम की राजनीतिक चीर-फाड़ करूंगा। मगर आज केवल-केवल पुष्कर धामी को बधाई देता हूं, उनके जीवन में यह बड़ा क्षण है।
- हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव 

मैं उत्तराखंड राज्य के नए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। 2017 के विस चुनाव में भाजपा ने जनता से जो वादे किए थे, उम्मीद है कि धामी उनको पूरा करेंगे। इस बीच भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने राज्य में जिस तरह से अस्थिरता लाने का काम किया है, उसका सबक जनता आने वाले चुनाव में भाजपा को सिखाएगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक का यह बयान भ्रमित करने वाला है कि संविधानिक संकट की वजह से तीरथ सिंह रावत चुनाव नहीं लड़ पाए। जब कि वे चाहते तो सल्ट से चुनाव लड़ सकते थे। 
- प्रीतम सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

पुष्कर सिंह धामी को हार्दिक शुभकामनाएं। अब उनकी अगुआई में भाजपा सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए और तेजी से कदम बढ़ाएगी।
- त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री
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