38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए पहले से निर्धारित खेलों में उत्तराखंड के सात पारंपरिक खेलों को भी शामिल करने के लिए खेल मंत्री रेखा आर्या ने केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से गत दिन मुलाकात की। उनसे आग्रह किया कि योगासन, मलखंभ, लागोरी (पिट्ठू), कराटे, पावर लिफ्टिंग, राफ्टिंग और स्पीड क्लाइंबिंग को भी राष्ट्रीय खेलों की सूची में शामिल किया जाए। इससे इन खेलों विजेताओं को मेडल भी मिल सकेंगे।
इस मुलाकात के बाद खेल मंत्री ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय खेल सचिवालय में समीक्षा बैठक की। बैठक में बताया कि केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि उनके पारंपरिक खेलों को राष्ट्रीय खेलों की सूची में शामिल किया जाएगा। आश्वासन मिला है तो खेल अधिकारी पारंपरिक खेलों के आयोजन और इनसे संबंधित उपकरणों की खरीद की तैयारी रखें। राज्य की कोशिश है कि पारंपरिक खेल सिर्फ प्रदर्शन के तौर पर न हों, बल्कि अन्य खेलों की तरह ये भी मेडल के लिए खेले जाएं। इस विषय को भारतीय ओलंपिक संघ अध्यक्ष पीटी ऊषा के उत्तराखंड दौरे पर आने पर उनके सामने रखा जाएगा।
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