रौतेला ने कहा, इस पूरे प्रकरण में कुछ लोगों ने यह विषय भी उठाया कि बाबा केदारनाथ का मंदिर एक ज्योतिर्लिंग है इसलिए उसकी कोई दूसरी प्रतिकृति नहीं हो सकती है, इस पर ट्रस्ट का कहना है कि हमारे जो 12 ज्योतिर्लिंग हैं उन सभी ज्योतिर्लिंग के नाम से देश में कई मंदिर बने हैं।
गुजरात में मुख्य सोमनाथ ज्योतिर्लिंग है और दिल्ली में भी एक सोमनाथ मंदिर है। आंध्र प्रदेश में मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग है और बेंगलुरू में भी मल्लिकार्जुन मंदिर है। उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग है और महाराष्ट्र के नागपुर में भी इसी नाम से मंदिर है। बदरीनाथ उत्तराखंड के चार धामों में से एक है। जबकि मुंबई में भी इसी नाम से एक मंदिर बना हुआ है।
सीएम धामी का ट्रस्ट से कोई लेना देना नहीं
ट्रस्ट के अध्यक्ष सुरेंद्र रौतेला ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ट्रस्ट के अनुरोध पर मंदिर के भूमि पूजन के लिए आए थे। उनका और सरकार का ट्रस्ट से कोई लेना देना नहीं है। केदारनाथ धाम के मसले पर कुछ सोशल मीडिया में चल रहे वीडियो के बारे में उन्होंने कहा, ट्रस्ट ने इस तरह की कोई बयानबाजी नहीं की।