हिम तेंदुओं को बचाने की मुहिम में वन विभाग को लोगों के सहयोग का एक और मॉडल मिला है। पिथौरागढ़ के प्रभागीय वन अधिकारी ने इस मॉडल को मुनस्यारी में इको पार्क के रूप में विकसित किया है। डा. विनय भार्गव की ओर से तैयार इस मॉडल में करीब 300 स्वयं सहायता समूह शामिल हैं।
हिम तेंदुओं के आवास क्षेत्र को बचाने की मुहिम में सिक्योर परियोजना के तहत क्षेत्र के लोगों की आजीविका सुधार की भी बात की जा रही है। इसके तहत शनिवार को मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग के निर्देशन में आयोजित वेबिनार में पिथौरागढ़ के डीएफओ विनय भार्गव ने मुनस्यारी इको पार्क मॉडल की जानकारी थी। डा.विनय ने बताया कि स्थानीय वस्तुओं से स्वयं सहायता समूूहों की ओर से उत्पाद तैयार किए जा रहें है।
डीएफओ उत्तरकाशी संदीप कुमार ने बताया कि स्थानीय युवाओं की ओर से पर्वतारोहण, इको टूरिज्म आदि का काम भी किया जा रहा है। वन्यजीव प्रतिपालक रंजन कुमार, डा.मनोज चंद्रन, पूर्व एडीजी बिशन सिंह बोनाल, आईजी पर्यावरण मंत्रालय डा. एसएस खंडूड़ी, डा. पटनायक सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। सिक्योर परियोजना से संबंधित डा. अर्चना पांडे ने बताया कि हिम तेंदुओं के आवास क्षेत्र में यूएनडीपी की सिक्योर हिमालय परियोजना के तहत यह वेबिनार आयोजित किया गया था।