इन्हीं गीतों ने उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित भी किया। सांसद निशंक ने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर नाज है। समारोह में ब्रिगेडियर एसके कटारिया और सांसद निशंक ने उन्हें स्टार लगाकर सम्मानित किया। श्रेयशी ने जौलीग्रांट (ऋषिकेश) से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह पढ़ाई करने अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय मॉरिशस गई।
बेटी के सेना ज्वाइन करने पर डॉ. निशंक का कहना है कि, मुझे गर्व हो रहा है कि हमारे परिवार से मेरी बेटी पहली सैन्य अफसर बनी है। कहा कि, उनकी इच्छा थी कि परिवार से कोई सेना में होना चाहिए। मेरी बेटी ने यह इच्छा पूरी कर दी है। कहा कि बेटी श्रेयशी बचपन से ही डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन करीब दो साल पहले उसने सेना में जाने की ठान ली। कहा कि, मुझे बेहद खुशी हो रही है कि अब श्रेयशी सेना में अपनी सेवाएं देकर देश सेवा करेगी।