इस निर्णय को लेने से पहले सरकार ने कार्यमंत्रणा समिति के सदस्यों को भरोसे में नहीं लिया। सरकार सदन चलाने में तानाशाही का रवैया अपना रही है। दो दिन में मानसून सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना प्रदेश की जनता के साथ धोखा है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार की मनमानी से आहत होकर मेरे साथ विधायक प्रीतम सिंह ने सदस्य पद से इस्तीफा दिया है।
बता दें कि नेता प्रतिपक्ष व विधायक प्रीतम सिंह पूर्व में भी कार्यमंत्रणा समिति से इस्तीफा दे चुके थे लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे स्वीकार नहीं किया था। उधर, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि अभी तक मुझे इस्तीफा नहीं मिला है। यदि इस्तीफा भेजा है तो विधानसभा सचिव को मिला होगा।