चमोली में कुल 39 सड़कें बंद हैं। इनमें ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-58 सीरोबगड़ व नरकोटा में मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। देहरादून में दो स्टेट हाईवे सहित कुल 20 सड़कें बंद हैं। रुद्रप्रयाग में ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग-107 रामपुर-सीतापुर के मध्य मलबा आने से अवरुद्ध है। पौड़ी में एक स्टेट हाईवे सहित कुल 19 सड़कें अवरुद्ध हैं। टिहरी में सात ग्रामीण सड़कें बंद हैं। जबकि एनएच-707 मसूरी-चंबा-टिहरी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है। अल्मोड़ा में दो, बागेश्वर में पांच, नैनीताल में छह, चंपावत में चार और पिथौरागढ़ में कुल 15 सड़कें मलबा आने के कारण बाधित हैं।
बरसात तक पुलों का निर्माण कार्य रोका
बारिश के कारण लगातार प्रभावित हो रहे पुल निर्माण के कार्य को फिलहाल बरसात तक रोक दिया गया है। लोनिवि के प्रमुख अभियंता हरिओम शर्मा ने बताया कि बारिश और संभावित दुर्घटनाओं के मद्देनजर पुलों के निर्माण का कार्य पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। विभाग का पूरा ध्यान इस समय बंद सड़कों को खोलने पर है।
सड़कों को खोलने के काम में लगाई गई हैं 374 जेसीबी
लोनिवि के प्रमुख अभियंता हरिओम शर्मा ने बताया कि सड़कों को खोलने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। पहले मुख्य सड़कों और फिर ब्रांच रोड को खोलने का काम किया जा रहा है। इस काम में प्रदेशभर में 374 जेसीबी तैनात की गई हैं। 141 जेसीबी की तैनाती नेशनल हाईवे पर की गई है। इसी तरह से 32 जेसीबी स्टेट हाईवे, 11 मुख्य जिला मार्गों, 12 अन्य जिला मार्गों, 71 बॉर्डर रोड और 107 पीएमजीएसवाई की सड़कों को खोलने पर लगाया गया है।