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Uttarakhand Monsoon: महीने में जितनी होती थी बारिश उससे ज्यादा 19 दिन में बरसे मेघ, बागेश्वर-देहरादून सबसे आगे

Sat, 20 Sep 2025 03:04 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

उत्तराखंड में सामान्य से 70 फीसदी अधिक बारिश हुई है। बीते 10 साल में पूरे सितंबर में साल 2019 में 489.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी जबकि अन्य किसी भी साल में इतनी बारिश नहीं हुई।
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देहरादून - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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उत्तराखंड में मानसून के दौरान एक महीने में जितनी बारिश होती थी उससे अधिक बारिश बीते 19 दिनों में हो चुकी है। प्रदेशभर के आंकड़ों की बात करें तो अभी तक सामान्य से 70 फीसदी अधिक बारिश हुई है। इसमें सबसे अधिक बारिश बागेश्वर में हुई है तो दूसरे नंबर पर देहरादून है।

एक से 19 सितंबर तक अकेले देहरादून में 446.5 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है जो सामान्य से 160 फीसदी अधिक है। जबकि बीते 10 वर्ष की बात करें तो पूरे सितंबर में साल 2019 में 489.9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी जबकि अन्य किसी भी साल में इतनी बारिश नहीं हुई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की विदाई से पहले देहरादून में बारिश इस आंकड़े को भी पार कर सकती है।

दस साल में सितंबर में हुई बारिश

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साल बारिश मिमी में
2015  78.0
2016 222.6
2017 404.4
2018 285.4
2019 489.9
2020 174.7
2021 400.5
2022 378.7
2023 193.8
2024 365.7
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आपदा के दिन बारिश ने बनाया था नया रिकॉर्ड

आपदा की सुबह साढ़े आठ बजे तक 24 घंटे में अकेले सहस्रधारा में 264.0 मिमी बारिश हुई जो सामान्य से बहुत अधिक है। जबकि इससे पहले साल 1924 में तीन सितंबर को 212.6 मिती बारिश रिकॉर्ड की गई थी जो अब तक का ऑलटाइम रिकॉर्ड था। दूसरे नंबर पर सबसे अधिक बारिश मालदेवता में 149.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रदेशभर की बात करें तो आपदा के दिन देहरादून में सबसे अधिक बारिश हुई। यहां 66.7 मिमी बारिश दर्ज की गई जो सामान्य से 1136 फीसदी अधिक है।

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मानसून विदाई का करना होगा इंतजार

उत्तराखंड में इस साल मानसून में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। ऐसे में हर कोई अब मानसून की विदाई का इंतजार कर रहा है लेकिन इसकी विदाई के लिए अभी इंतजार करना होगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आमतौर पर सितंबर के आखिरी दिनों में मानसून की विदाई होती है लेकिन विदाई के दौरान इतनी बारिश कम ही देखने को मिलती है। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से अभी मानसून विदाई की तिथि घोषित नहीं की गई है।

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