टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा एक और दो सितंबर को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार में भारी बारिश का अनुमान है। विभाग ने चेताया है कि भारी से बहुत भारी बारिश से भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने की संभावना है। सड़कें और राजमार्ग अवरुद्ध हो सकते हैं।
निचले इलाकों में जलभराव और नदियों-गदेरों में फ्लैश फ्लड का खतरा है। कच्चे मकानों, निर्माणाधीन पुलों, धान-मक्का जैसी खरीफ फसलों को नुकसान हो सकता है। बिजली-पानी की आपूर्ति और हवाई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हिदायत देते हुए कहा कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग सतर्क रहें। चारधाम यात्रा केवल अत्यावश्यक होने पर ही करें और तीव्र ढलानों पर विशेष निगरानी रखें। नदियों, नालों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग सावधानी बरतें।
प्रदेश में 41 ग्रामीण मार्ग समेत 52 सड़क बंद
प्रदेश में भूस्खलन समेत अन्य कारणों से 41 ग्रामीण मार्ग समेत 52 मार्ग शनिवार को बंद रहे। इसमें बागेश्वर में सात, चमोली 13, चंपावत एक और देहरादून में छह मार्ग पर आवागमन ठप रहा। नैनीताल में दो, पौड़ी में तीन, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में पांच और उत्तरकाशी में दो मार्ग बंद रहे। मार्ग बंद होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश के ऑरेंज अलर्ट पर हाई अलर्ट पर एसडीआरएफ, निगरानी बढ़ाई
उत्तराखंड में मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के कारण एसडीआरएफ को हाई अलर्ट पर रखा गया है। रविवार को सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने प्रदेशभर में तैनात टीमों की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने टीमों को बारिश के दौरान आवश्यक उपकरणों के साथ अलर्ट रहने के निर्देश दिए। आपातकालीन कॉल पर तत्काल रेस्क्यू करने को कहा गया। नदियों, नालों और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय लोगों को भी मौसम और संभावित खतरों के प्रति जागरूक करने को कहा गया। टीमें कंट्रोल रूम को लगातार जानकारी दें। जवानों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लाइफ जैकेट, हेलमेट और रोप रेस्क्यू उपकरणों की जांच करने को कहा गया।