उत्तराखंड का पूरा मनी मैनेजमेंट नए वित्तीय वर्ष में ऑनलाइन हो जाएगा। इसके बाद सरकारी कर्मचारियों का वेतन, पेंशनरों की पेंशन, छात्रों की छात्रवृत्ति, ठेकेदारों को भुगतान, विकास कार्यों के लिए पैसा आदि सब काम कंप्यूटर माउस के इशारे पर होंगे।
हिमाचल समेत अन्य राज्यों की तरह प्रदेश में यह पारदर्शी व्यवस्था लागू करने का प्रोजेक्ट भारत सरकार से प्रायोजित होगा, जिसमें दस फीसदी खर्च प्रदेश सरकार को वहन करना होगा। किसी भी राज्य की रीढ़ उसकी वित्त व्यवस्था होती है, इसलिए उसका दुरुस्त होना बेहद जरूरी है।
कुछ इसी संकल्पना के साथ उत्तराखंड में जल्द ही पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। यह वित्त से जुड़े सभी प्रकार के कार्यों के लिए एक इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट है। इसके तहत टैक्स, ट्रेजरी, फंड, सेलरी, अकाउंटिंग, ऑडिट समेत सभी कार्य ऑनलाइन किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त मौजूदा हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को बदला जाएगा। इससे पारदर्शिता बढ़ जाएगी। किसी काम के लिए कितना फंड कब और कैसे जारी किया गया है, इसे ऑनलाइन देखा जा सकेगा। ऐसे में संबंधित कार्यों की फाइल को अलग-अलग मेजों पर घूमना नहीं पड़ेगा। छोटी से लेकर बड़ी सूचना तक की जानकारी सरकार को रहेगी।
इसी क्रम में वित्तीय हस्तपुस्तिका यानी फाइनेंशियल हैंडबुक को भी संशोधित किया जाएगा। राज्य अलग होने के बावजूद इस दिशा में कोई काम नहीं किया जा सका है। ऐसे में विभिन्न विभाग इसका इस्तेमाल अपने हिसाब से करने लग गए हैं। कई बार इसे दुरुस्त करने की मांग भी हो चुकी है।
इसके अतिरिक्त खरीद की प्रक्रिया (पब्लिक प्रोक्योरमेंट) को लेकर भी तमाम भ्रांतियां हैं, जिसके चलते अक्सर घपले-घोटाले सामने आते रहते हैं। भारत सरकार के नीति आयोग के समक्ष इस पूरे प्रोजेक्ट का विस्तृत प्रजेंटेशन हो चुकी है। अब इसके लिए कंसलटेंट तलाशने का काम शुरू किया जाएगा।
कर्ज का पूरा हिसाब-किताब आए नजर
नए इंतजाम में बजट मैनेजमेंट, कैश मैनेजमेंट, डेब्ट यानी कर्ज का मैनेजमेंट भी ऑनलाइन होगा। इसका फायदा यह होगा कि आरबीआई या अन्य वित्तीय संस्थानों से लिए गए कर्ज का पूरा हिसाब-किताब साफ-साफ नजर आएगा। मौजूदा इंतजाम में अधिकारी अपने अनुभव के आधार पर कर्ज का मैनेजमेंट कर रहे हैं, मगर कंप्यूटराइज्ड इंतजामों में यह कार्य बहुत फूलप्रूफ होगा।
ये होंगे प्रमुख फायदे
- सरकार को वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग की जानकारी मिलेगी।
- वित्तीय सुधारों के चलते विभागीय कार्रवाइयों में तेजी आएगी।
- बजट प्रक्रिया न केवल बेहतर होगी, बल्कि निगरानी आसान होगी।
- सरकार के कार्यक्रमों में धन आवंटन का काम बेहतर हो सकेगा।
- लोन और फाइनेंशियल असेट्स का पारदर्शी प्रबंधन सुनिश्चित होगा।
- उचित जोखिम और लागत संतुलन बनाने में भी सहायता मिलेगी।
देश के तमाम राज्यों में पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट प्रोजेक्ट आरंभ हो चुका है और काफी अच्छे नतीजे दे रहा है। अब केंद्र सरकार के सहयोग से इसे उत्तराखंड में भी शुरू किया जा रहा है। इसमें वित्त से जुड़े सभी पहलुओं को ऑनलाइन हैंडल किया जाएगा, जिससे न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि भ्रष्टाचार व लेटलतीफी की संभावना भी समाप्त होगी।
- अमित सिंह नेगी, सचिव (वित्त)