उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित गंगोलीहाट की विधायक मीना गंगोला की देवरानी दीपा गंगोला ने 108 एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दिया। लेकिन, ग्रामीण क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं की भेंट आज विधायक की नवजात भतीजी चढ़ गई।
दिनभर इंतजार के बाद प्रसव नहीं होने और मामला बिगड़ता देख सीएचसी में तैनात डॉक्टरों ने विधायक की देवरानी को हायर सेंटर रेफर कर दिया। 108 एंबुलेंस से अल्मोड़ा ले जाते समय रास्ते में प्रसव हो गया। नवजात बच्ची के पेट में पानी चले जाने से उसकी मौत हो गई।
गंगोलीहाट विधायक मीना गंगोला की देवरानी दीपा गंगोला को बृहस्पतिवार सुबह प्रसव पीड़ा होने के बाद सीएचसी बेड़ीनाग में भर्ती कराया गया। दीपा का ब्लड ग्रुप ओ निगेटिव है। पूरे दिन जब डिलीवरी नहीं हुई तो डॉक्टरों ने अधिक जोखिम न उठाते हुए उन्हें शाम पांच बजे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने दीपा को अल्मोड़ा ले जाने का फैसला लिया। रेफर होने के बाद 108 एंबुलेंस दीपा को लेकर अल्मोड़ा के लिए रवाना हुई।
एंबुलेंस में नर्स भी थी। बाड़ेछीना के पास दीपा को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। इस पर एंबुलेंस को सड़क किनारे रोककर स्टाफ नर्स ने ईएमटी राजेश सिंह के सहयोग से प्रसव कराया। प्रसव में देरी होने से नवजात के मुंह में पानी चला गया था। बच्ची की हालत ठीक नहीं होने पर उसे सेक्शन देकर ऑक्सीजन दिया गया, लेकिन नवजात की कुछ समय बाद ही मौत हो गई। इसके बाद दीपा को अल्मोड़ा के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर उनके स्वास्थ्य की जांच की गई।
देवरानी दीपा को सुबह अस्पताल में भर्ती किया गया था। मामला गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। अल्मोड़ा ले जाते समय रास्ते में डिलीवरी हो गई। नवजात को नहीं बचाया जा सका। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ महिला डॉक्टरों की नियुक्ति के प्रयास किए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी भी प्रसव पीड़िता को हायर सेंटर रेफर करने की जरूरत न पड़े।
- मीना गंगोला, विधायक गंगोलीहाट।