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पीएम बनते ही मोदी भूल गए अपना ‘नाता’

Mon, 26 May 2014 11:39 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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लोक सभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश की पांचों लोक सभा सीटों पर दहाड़े थे। देश के बाकी हिस्सों में मोदी ने आठ लोक सभाओं के कलस्टर के हिसाब से चुनावी रैली की थी।
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लेकिन मोदी जब उत्तराखंड पहुंचे तो हर सीट पर चुनावी रैली करने से नहीं चूके। हर रैली में देवभूमि से गहरा नाता जोड़ना भी नहीं भूले। दून में ही पूर्व सैनिकों के बच्चों को अफसर बनाने का वादा किया।

हिमालय में तपस्या का जिक्र भी किया। पर कैबिनेट में पहाड़ से जगह देने का मौका आया तो पूर्व सैनिक मायूस हो गए, देवभूमि से नाता भी किनारे रह गया।

सेना के बहाने छुई थी पहाड़ की नब्ज

नरेंद्र मोदी की दून की रैली को ऐतिहासिक बताया गया था। इस रैली में मोदी ने उत्तराखंड से गहरे जुड़ाव की बात भी की थी।

यह सवाल भी उठाया था कि पूर्व सैनिकों के बच्चों को सिर्फ फौज में सिपाही ही क्यों रहने दिया जाता है। उत्तराखंड से सेना में अफसर क्यों नहीं हैं।

पूर्व सैनिक बैक ग्राउंड, वरिष्ठता और केंद्रीय मंत्रिमंडल का पुराना अनुभव, भूतल परिवहन का पुराना ट्रैक रिकार्ड कह रहा था कि पूव मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जरूर मौका मिलेगा।

कैबिनेट से गायब रहा उत्तराखंड

दून की रैली के बाद प्रदेश की प्रत्येक लोक सभा सीट में मोदी का पहुंचना हुआ था। मोदी ने खुद भी कहा था कि उत्तराखंड से उन्हें प्रेरणा मिलती है।

मोदी ने खुद को पहाड़ की खूबसूरती का कायल बताया था और यह भी कहा था कि पहाड़ के लोगों की सादगी पर मर मिटने को जी चाहता है।

पर मंत्री बनाते समय शायद मोदी को यह नाता याद नहीं रहा। कैबिनेट में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व सिरे से फिलहाल गायब है।
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सांसदों को अभी भी मंत्री पद की उम्मीद

उत्तराखंड ने भाजपा को खूब दिया। इससे ज्यादा और क्या दिया जा सकता है। लेकिन प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से निराश होने की जरूरत नहीं है। क्या पता भाजपा का शीर्ष नेतृत्व उत्तराखंड के बारे में इससे भी अच्छा कर गुजरने की सोच रहा है। इसलिए राजनीतिक में धैर्य सबसे बड़ी चीज है। हम निराश नहीं है।
-भगत सिंह कोश्यारी, सांसद नैनीताल

उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। नरेंद्र मोदी जी का उत्तराखंड पर विशेष फोकस रहेगा। रही किसी को मंत्री बनाने की बात तो यह प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार होता है। लेकिन हमे पूरा भरोसा है कि जल्द ही राज्य से भी कोई सांसद केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होगा।
-डा.रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद

यह कैबिनेट अंतिम नहीं है, कई प्रदेशों को प्रतिनिधित्व नहीं मिला। नरेंद्र मोदी पर सबको भरोसा है। उत्तराखंड की जनता ने उन्हें स्वीकारा है। केंद्र में भविष्य में काफी संभावनाएं हैं। सब ठीक रहेगा।
-अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष
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