उत्तराखंड फेडरेशन आफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन का कहना है कि ट्रांसफर एक्ट की विसंगतियों के कारण पदोन्नतियों पर रोक लगी है। इससे मिनिस्टीरियल कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। एसोसिएशन ने चेताया कि 15 दिन के भीतर शासन ने पदोन्नति पर रोक नहीं हटाई तो मिनिस्टीरियल कर्मचारी कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे।
एसोसिएशन के महासचिव पूूर्णानंद नौटियाल ने कहा कि शासन ने वर्ष 2018 और 2019 में मात्र 10 प्रतिशत कर्मचारियों का ट्रांसफर किया है। वहीं, कोरोना महामारी के कारण 2020 को तबादलों के लिए शून्य सत्र घोषित किया है।
जिससे कर्मचारियों की दुर्गम क्षेत्र की आधी सेवा पूर्ण नहीं होगी। वहीं, ट्रांसफर एक्ट में 30 जून 2020 को संक्रमण काल मानते हुए इस तिथि के बाद दुर्गम क्षेत्र की आधी सेवा पूर्ण होने पर प्रथम और द्वितीय पदोन्नति पर विचार करने की व्यवस्था की गई है। ऐसी स्थिति में पूरे प्रदेश में पदोन्नति अटकी हुई है।
नौटियाल ने कहा कि एसोसिएशन की ओर से कई बार सरकार और शासन स्तर पर ज्ञापन सौंपाकर पदोन्नति पर लगी रोक हटाने की मांग की गई है। लेकिन अभी तक शासन स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि 15 दिन के भीतर शासन की ओर से पदोन्नति पर लगी रोक नहीं हटाई गई तो मिनिस्टीरियल कर्मचारी कार्य बहिष्कार का निर्णय लेंगे।