कपाट बंद तो पास क्यों?
अमनमणि ने बदरीनाथ धाम जाने के लिए आवेदन किया। धाम के कपाट 15 मई को खुलने हैं, ऐसे में वहां के लिए पास देने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। केंद्र की गाइडलाइन में चारधाम यात्रा शुरू करने के लिए अनुमति नहीं है, इसके बावजूद विधायक बदरीनाथ धाम क्यों जाना चाह रहे थे?
अमनमणि को पितृ कार्यों के लिए अनुमति क्यों?
बड़ा सवाल यह भी है कि विधायक अमनमणि को पास देने की वजह बेहद अटपटी है। पास जारी करने का कारण दिया है कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वर्गीय पिता के पितृ कार्य वह बदरीनाथ में करना चाहते थे। मुख्यमंत्री के पिता के पितृ कार्य की अनुमति किसी विधायक को देना, जो उनके परिवार से भी नहीं है, कितना वाजिब है?
एसीएस ओमप्रकाश नहीं जानते थे गाइडलाइन ?
शासन में ऊंचे ओहदे पर बैठे मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने विधायक को पास देने के लिए पत्र लिखा। केंद्र के स्तर से जारी होने वाली प्रत्येक गाइडलाइन को क्या वह नहीं जानते थे? पास केवल किसी के परिवार में अनहोनी पर दिया जाता है, लेकिन अमनमणि सीएम योगी के परिवार या रिश्तेदारी में नही हैं, यह उनको मालूम नहीं था? सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि बदरीनाथ धाम के जब कपाट बंद थे, तो उन्होंने सिफारिशी पत्र क्यों लिखा? यही नहीं केदारनाथ धाम भी श्रद्धालुओं के लिए नहीं खुला है, वहां के लिए भी व्यवस्था करते समय उनको गाइडलाइन का ध्यान क्यों नहीं रहा?
डीएम श्रीवास्तव ने क्यों दरकिनार की गाइडलाइन?
अपर मुख्य सचिव की ओर से जिलाधिकारी देहरादून आशीष श्रीवास्तव को विधायक और उनके साथियों सहित तीन गाड़ियों के लिए पत्र मिला। लॉकडाउन के दौरान आशीष श्रीवास्तव कैसे केंद्र की जारी गाइडलाइन को भूल सकते हैं, जबकि रोजाना उनके कार्यालय से इसी आधार पर पास निर्गत होते हैं? शासन के उच्च अधिकारी के आए पत्र में निर्देश अगर नियम संगत नहीं थे, तो उनको खारिज क्यों नहीं किया गया? जिलाधिकारी पत्र पर केंद्रीय गाइडलाइन का हवाला देकर वापस लौटा सकते थे। यही नहीं अगर उनपर कोई दबाव था तो उच्च अधिकारियों को अवगत क्यों नहीं करवाया गया?
देहरादून से पास क्यों हुआ जारी?
विधायक अमनमणि उत्तरप्रदेश से उत्तराखंड की सीमांत जिले से आने वाले थे। उनका प्रवेश हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर या पौड़ी से हो सकता था। ऐसे में इन जिलों के बदले उनका पास देहरादून से क्यों जारी करवाया गया? उन्होंने पौड़ी से काफिले के साथ प्रवेश किया तो उनको किसी ने वहां क्यों नहीं रोका? कर्णप्रयाग तक कहीं भी यूपी नंबर की गाड़ियों के पास की वैधता को लेकर कोई जांच क्यों नहीं हुई?
विधायक अमनमणि त्रिपाठी को बदरीनाथ जाने के लिए पास जारी करने के मामले में कांग्रेस ने सीएम से तत्काल जवाब व कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि अमनमणि त्रिपाठी और उनके साथ के लोगों को जाने देने के लिए पास एसीएस ओमप्रकाश के पत्र के हवाले पर जारी किया गया। इस समय बदरीनाथ धाम की यात्रा बंद है। ऐसे में एसीएस ने किस आधार पर यह पत्र जारी किया। उच्च स्तर पर बैठे नौकरशाह ही जब कानून का पालन नहीं कराएंगे तो औरों को कैसे कहा जा सकता है। कांग्रेस ने इस मामले में मुख्यमंत्री से जांच की मांग करते हुए तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
मुख्यमंत्री बताएं कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के साथ चार लोगों तक से मिलना उन्हें मंजूर नहीं हुआ और यूपी के विधायक अमनमणि त्रिपाठी को दस लोगों के साथ बदरीनाथ जाने दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री को इस पर जवाब देना चाहिए।
- विजय सारस्वत, संगठन महामंत्री कांग्रेस
इस मामले में हस्तक्षेप करने वाले एसडीएम के प्रति कांग्रेस आभार जताती है। जिसकी वजह से सरकार की मेहरबानी पाने वाले विधायक अमनमणि अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए।
- धीरेंद्र प्रताप, कांग्रेस प्रदेेश उपाध्यक्ष
अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश के पत्र के आधार पर यह पास जारी किया गया। सरकार को इस मामले में तुरंत कदम उठाना चाहिए और दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
- सूर्यकांत धस्माना, प्रदेश उपाध्यक्ष, कांग्रेस
प्रदेश सरकार दूसरे प्रदेश के विधायक को लाव लश्कर के साथ बदरीनाथ धाम जाने की इजाजत दे रही है जबकि अभी धाम के कपाट भी नहीं खुले हैं और अपने ही लोगों को वापस लाने में आनाकानी कर रही है।
- प्रीतम सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के पिता के पितृ कार्य के लिए यूपी के विधायक अमनमणि त्रिपाठी को बदरीनाथ धाम आने देने की अनुमति से धाम के तीर्थ पुरोहित भी खासे नाराज हैं। ब्रहमकपाल के तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि बदरीनाथ धाम की यात्रा बंद है और ब्रहमकपाल मेें कोई पितृ कार्य नहीं हो सकता। ब्रहमकपाल तीर्थ पुरोहित पंचायत के प्रवक्ता डा. बृजेश सती ने कहा कि इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री से की जाएगी।
पंचायत के अध्यक्ष उमेश सती के साथ ही अन्य तीर्थ पुरोहितों ने इस मामले में टेली कांफ्रेंस के जरिये आपस में बात की। सती के मुताबिक एक तरफ सरकार उन्हें बदरीनाथ धाम जाने की इजाजत नहीं दे रही है और दूसरी ओर शासन एक साथ दस लोगों को इजाजत दे रहा है।