इस कारण इन जिलों को दूसरी किस्त जारी नहीं हुई है। टिहरी जिले में नौ लाख 34 हजार रुपये ही खर्च हुए हैं। जबकि देहरादून में 12 लाख, बागेश्वर में 22.92 लाख, पिथौरागढ़ में 16 लाख, रुद्रप्रयाग में 15 लाख ही खर्च हुए हैं। वहीं, अल्मोड़ा, चमोली, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी जनपद ही स्वीकृत बजट को खर्च कर पाया है।
नवाचार जागरूकता कार्यक्रम पर फोकस
देश के कई राज्यों ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में बेहतर काम किया है। उनके कार्यों का अध्ययन कर सभी जिलों को भी नवाचार जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद ही कई जिलों में बेटियों को सेना के साथ इंजीनियरिंग, मेडिकल समेत तमाम क्षेत्रों में आगे बढ़ने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत प्रत्येक जिले को 50 लाख का बजट दिया जाता है। कई जिलों में जागरूकता कार्यक्रम की प्रगति न होने के कारण आधा बजट भी खर्च नहीं हो पाया है। अब योजना को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने के लिए जिले स्तर पर समीक्षा की जा रही है।
- सौजन्या, सचिव, महिला एवं बाल विकास