बलबीर कठैत दुबई के अस्पताल में भर्ती है।
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दुबई के एक अस्पताल में भर्ती टिहरी निवासी युवक पिछले करीब तीन माह से वापस लौटने का इंतजार कर रहा है। हालांकि तकनीकी कारणों से वह वापस नहीं लौट पा रहा है। दुबई में उसके होटल की ओर से लगातार उसके परिवार से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन यहां से रिस्पांस ना मिलने के कारण उसकी वापसी नहीं हो पा रही है।
दरअसल, दलगांव, ख्वाडा, टिहरी गढ़वाल निवासी बलबीर (30) दुबई के होटल महेश में काम करता था। राशिद हॉस्पिटल के रिकॉर्ड के अनुसार 27 फरवरी को उसे गर्दन पर चोट के बाद एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया था। पैरामेडिक्स ने बताया कि उसने खुद को कोल्ड स्टोरेज में बंद कर अपनी गर्दन काटने का प्रयास किया था।
उसे अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ। 20 अप्रैल को महेश लंच होम एंड सीफूड रेस्टोरेंट ने उनके भाई बचन सिंह को पत्र भेजकर उनकी हालत में सुधार के संबंध में जानकारी दी। हालांकि करीब तीन माह बाद भी उसके परिवार की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
प्रवासी उत्तराखंडी कर रहे हैं मदद
सुषमा स्वराज
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दुबई में बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी उसकी सहायता कर रहे हैं। समाज सेविका गीता चन्दोला ने बताया कि अस्पताल में उसकी देखरेख और मदद के लिए बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी पहुंच रहे हैं। जाखणीधार निवासी गौरव रतूड़ी ने बताया कि प्रवासी उत्तराखंडी उसकी देखभाल कर रहे हैं। वह लोग उसके परिवार से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन अभी तक कोई फायदा नहीं हुआ है। चंबा निवासी अब्दुल सलाम ने बताया कि बलबीर के माता-पिता के स्वर्गवासी होने की जानकारी मिली है। उसका छोटा भाई बचन सिंह भी बड़े भाई के अस्पताल में भर्ती होने के बाद से परेशान है।
तीन मार्च को लौटना था घर
अब्दुल सलाम ने बताया कि बलबीर को तीन मार्च को घर लौटना था लेकिन उससे पहले ही यह सब हो गया। उसने खुद की गर्दन काटने का प्रयास क्यों किया या घटनाक्रम क्या रहा, यह भी अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
इनका है कहना
मुझे इस मामले की जानकारी मिली है। हालांकि आधिकारिक रूप से उसको भारत भेजे जाने की पेशकश की सूचना नहीं है। अगर उसका कोई परिजन उसे लेने दुबई जाने का अनुरोध करेगा तो उसकी हर संभव सहायता की जाएगी।
विजय शंकर पांडे
-नोडल अफसर, विदेश मंत्रालय
अगर बलबीर के घर-परिवार के संबंध में जानकारी मिलेगी तो उसकी मदद करने का प्रयास किया जाएगा।
-इंदुधर बौड़ाई, डीएम, टिहरी