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Uttarakhand: मदरसों को धार्मिक शिक्षा के लिए नए सिरे से लेनी होगी मान्यता, प्राधिकरण तैयार कर रहा कोर्स

Mon, 30 Mar 2026 09:38 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

Uttarakhand News: मदरसों को शैक्षिक सत्र 2026-27 से धार्मिक शिक्षा प्रदान करने के लिए फिर से मान्यता लेनी होगी।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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प्रदेश के मदरसों को धार्मिक शिक्षा के लिए शैक्षिक सत्र 2026-27 से नए सिरे से मान्यता लेनी होगी। राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की ओर से उन्हें मान्यता दी जाएगी। मान्यता इस शर्त पर दी जाएगी कि मदरसों को धार्मिक शिक्षा के लिए प्राधिकरण की ओर से तैयार कोर्स पढ़ाना होगा।

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उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 में स्पष्ट किया गया है कि राज्य में उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त कोई भी मदरसा शैक्षिक सत्र 2025-26 के अंत तक ही शिक्षा प्रदान करना जारी रख सकेगा। ऐसे मदरसों को शैक्षिक सत्र 2026-27 से धार्मिक शिक्षा प्रदान करने के लिए फिर से मान्यता लेनी होगी।

एक्ट में यह भी कहा गया है कि किसी शैक्षणिक संस्थान को अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के रूप में मान्यता के लिए आवेदन पर प्राधिकरण को यह अधिकार होगा कि वह शैक्षणिक संस्थान को अधिकारिक रूप से अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान की मान्यता प्रदान करे या धारा 14 में वर्णित अनिवार्य शर्तों के आधार पर इसे अस्वीकार करे।
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प्राधिकरण की ओर से मदरसों में धार्मिक शिक्षा में क्या पढ़ाया जाएगा इसका कोर्स तैयार किया जा रहा है। इस कोर्स को पढ़ाने सहित तय शर्तों आधार पर ही मदरसों को नए सिरे से मान्यता दी जाएगी।
- डॉ. सुजीत सिंह गांधी, अध्यक्ष राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण
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