इतने मदरसों को मिली मान्यता
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष के मुताबिक प्राधिकरण ने अपने पहले सत्र में सात मदरसों सहित नौ अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता दी है। दो सितंबर को 26 अन्य मदरसों को भी मान्यता देने की तैयारी है। वहीं, करीब दो सौ मदरसों ने शिक्षा विभाग से मान्यता के लिए इन्वेस्टमेंट पोर्टल पर आवेदन किया है।
ऐसे हो रहा बच्चाें के भविष्य से खिलवाड़
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुरजीत सिंह गांधी बताते हैं कि जो मदरसे बिना मान्यता के चल रहे हैं, उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मान्यता न होने से इन बच्चों को मिड डे मील नहीं मिल रहा है। इसके अलावा स्कूल ड्रेस, मुफ्त किताबें और अन्य सुविधाएं भी उन्हें नहीं मिल रही हैं। शिक्षा विभाग से मान्यता न होने की वजह से इनके प्रमाणपत्र भी मान्य नहीं हैं।
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मान्यता के लिए आवेदन न करने वाले मदरसों को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और जिला प्रशासन इन मदरसों को बंद करवाएगा। राज्य में इस तरह के 200 से अधिक मदरसे हैं। - डॉ.पराग मधुकर धकाते, विशेष सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण