3- राज्य में एक हजार से ज्यादा गांव हो चुके खाली
राज्य में 7817 ग्राम पंचायतें हैं। जबकि एक हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें ऐसी हैं। जो पलायन की वजह से पूरी तरह खाली हैं। यह देखना होगा कि खाली हो चुके इन गांवों में फिर से लोग कैसे लौटें।
4- पिछले दो साल से नहीं बने पंचायत भवन
राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार की तर्ज पर पंचायत घरों के निर्माण के लिए 10 लाख की धनराशि को बढ़ाकर 20 लाख रुपये किए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन कैबिनेट से यह प्रस्ताव पास नहीं है। कैबिनेट में प्रस्ताव न आ पाने से इस मद में मिले 50 करोड़ रुपये पिछले दो साल से खर्च नहीं हो पाए हैं।
5- बंद हो चुके 2200 विद्यालय पंचायतों को नहीं हुए हस्तांतरित
देहरादून। शिक्षा विभाग में 2200 विद्यालय छात्र संख्या शून्य होने की वजह से बंद हो चुके हैं। बंद हो चुके इन स्कूलों का इस्तेमाल पंचायत भवन के रूप में किए जाने का पूर्व में प्रस्ताव आया था, लेकिन बंद हो चुके यह विद्यालय अब तक पंचायतों को हस्तांतरित नहीं हो पाए हैं।