बेटी का दांव रहा कामयाब, बेटे का नहीं
हरीश रावत 2017 के विधानसभा चुनाव में हरिद्वार ग्रामीण से चुनाव हार गए थे। 2022 में उन्होंने इस विधानसभा सीट पर पहली बार बेटी अनुपमा रावत को कांग्रेस का टिकट दिलाया। अनुपमा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं, लेकिन बेटे वीरेंद्र रावत पर हरीश रावत का दांव कामयाब नहीं रहा।
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चुनाव लड़ने में कभी पीछे नहीं रहे हरदा
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 1980 में पहला लोकसभा चुनाव अल्मोड़ा संसदीय क्षेत्र से लड़ा। इसके बाद 1984 और 1989 के लोस चुनाव में जीत हासिल की। 2009 में हरिद्वार लोस चुनाव से सांसद चुने गए। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने हरिद्वार ग्रामीण और किच्छा सीट से चुनाव लड़ा। दोनों सीट पर हारे। 2019 में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा सीट से चुनाव हार गए थे।